डेस्क : भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर से लागू हो जाएगा। वहीं, भारत और कनाडा वर्ष 2026 के अंत तक प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर बातचीत पूरी करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं और बदलती टैरिफ नीतियों के बीच भारत अपने निर्यातकों के लिए नए बाजारों तक पहुंच बढ़ाने और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से गुरुवार को प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित CEPA को लेकर पांचवें दौर की वार्ता 5 से 9 अक्टूबर तक ओटावा में हुई। इस दौरान वस्तुओं और सेवाओं के लिए बाजार पहुंच, निवेश, उत्पत्ति के नियम, बौद्धिक संपदा अधिकार और व्यापार संबंधी उपायों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। दोनों देशों के बीच वार्ता का अगला दौर नवंबर की शुरुआत में नई दिल्ली में आयोजित होने की योजना है।
प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करना, व्यापारिक बाधाओं को कम करना और कारोबारियों के लिए बाजार के अवसर बढ़ाना है।
न्यूजीलैंड के साथ समझौते से भारतीय निर्यातकों को मिलेगा लाभ
भारत और न्यूजीलैंड के बीच अप्रैल 2026 में हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर से प्रभावी होगा। इसके तहत न्यूजीलैंड में भारतीय निर्यात को शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। इससे कपड़ा, चमड़ा, जूते, इंजीनियरिंग उत्पाद और प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों को नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
ब्रिटेन, चीन और यूरोपीय संघ को निर्यात में वृद्धि
मंत्रालय के व्यापार आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान भारत के कई प्रमुख व्यापारिक साझेदारों को निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई।
ब्रिटेन को भारत का निर्यात पिछले वर्ष की समान अवधि के 6.83 अरब डॉलर से बढ़कर 7.32 अरब डॉलर हो गया। भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता इस वर्ष जुलाई में लागू हुआ था।
इसी अवधि में चीन को निर्यात 8.39 अरब डॉलर से बढ़कर 11.41 अरब डॉलर पहुंच गया। वहीं, यूरोपीय संघ को भारतीय निर्यात 30.61 अरब डॉलर से बढ़कर 31.92 अरब डॉलर हो गया।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता पहले ही पूरी हो चुकी है, हालांकि यह समझौता अभी लागू नहीं हुआ है।
कई अन्य देशों के साथ भी जारी है व्यापार वार्ता
वाणिज्य मंत्रालय की प्रस्तुति के मुताबिक, भारत अमेरिका, इजरायल, चिली और पेरू सहित कई अन्य व्यापारिक साझेदारों के साथ भी समझौतों को लेकर बातचीत कर रहा है। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया, आसियान, दक्षिण कोरिया और श्रीलंका के साथ मौजूदा व्यापार समझौतों की समीक्षा या उन्हें और व्यापक बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं।
सरकार की इन पहलों का प्रमुख उद्देश्य भारतीय कारोबारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अवसर बढ़ाना, निर्यात के लिए नए गंतव्य विकसित करना और वैश्विक व्यापार नीतियों में हो रहे बदलावों के बीच भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करना है।









