अलीगढ़ में आठ साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म, 13 वर्षीय किशोर हिरासत में

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डेस्क : उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के बरला क्षेत्र में आठ वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप परिवार के ही 13 वर्षीय किशोर पर है। घटना के बाद ग्रामीणों ने किशोर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बच्ची को उपचार और चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है।

लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, घटना रविवार सुबह करीब 11:30 बजे क्षेत्र के एक गांव में हुई। उस समय बच्ची की मां खेत में कृषि कार्य कर रही थीं, जबकि पिता काम के सिलसिले में छर्रा गए हुए थे। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान आरोप है कि रिश्ते में भाई लगने वाला किशोर उसे टॉफी देने के बहाने घर के पास बने एक घेर में ले गया।

अन्य बच्चों ने बच्ची को देखा, परिवार को दी सूचना

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ समय बाद बच्ची रोते हुए बाहर आई। वहां मौजूद अन्य बच्चों ने उसकी हालत देखी और उसे उसकी मां के पास पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों ने कथित आरोपी किशोर को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

घटना की सूचना मिलने पर बरला थाना पुलिस, क्षेत्राधिकारी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।

बच्ची को अस्पताल भेजा गया

पुलिस ने बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अतरौली पहुंचाया। वहां से उसकी स्थिति को देखते हुए उसे अलीगढ़ के दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय रेफर किया गया। रिपोर्ट में बच्ची के चिकित्सकीय परीक्षण की जानकारी दी गई है। उसकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

मुकदमा दर्ज, बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया

पुलिस के अनुसार, पीड़िता के पिता की तहरीर पर बरला थाने में मामला दर्ज किया गया है। 13 वर्षीय किशोर को हिरासत में लिया गया है और उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किए जाने की प्रक्रिया बताई गई है।

चूंकि आरोपित भी नाबालिग है, इसलिए मामले में किशोर न्याय से संबंधित कानूनी प्रावधान लागू होंगे। जांच के बाद ही मामले के सभी तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।

बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

यह घटना बच्चों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले अपराधों को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। ऐसे मामलों में परिवार, समुदाय और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि बच्चों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उन्हें सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाए।

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों को उनकी उम्र के अनुरूप सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार के बारे में समझाना, भरोसेमंद वयस्कों से बात करने के लिए प्रोत्साहित करना और किसी भी संदिग्ध घटना की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देना महत्वपूर्ण है।