जयपुर : मालवीय नगर स्थित अणुविभा केन्द्र में रविवार को दीपावली पर्व के उपलक्ष्य में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए इकोफ्रेंडली फेस्टिवल बैनर का अनावरण किया गया। मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ‘तरुण’ एवं मुनिश्री संभव कुमार जी के सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के निर्देशन में स्थानीय अणुव्रत समिति जयपुर द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में अणुव्रत समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार वैद ने कहा कि त्योहार खुशियों का उपहार बनें, न कि दुख और प्रदूषण का कारण। दीपावली पर होने वाली आतिशबाजी से पर्यावरण प्रदूषित होता है। अणुव्रत सदैव पर्यावरण संरक्षण और शुद्धि का पक्षधर रहा है। यदि हम संयम और सादगी के साथ दीपावली मनाएं तो यह पर्व जीवन में हरियाली और परिवार में खुशहाली लेकर आएगा।
इस अवसर पर मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ‘तरुण’ ने अपने उद्बोधन में कहा कि अणुव्रत मानवता को महत्व देता है और मानवता को ही सर्वोपरि धर्म मानता है। अणुव्रत का संदेश है कि मनुष्य अपने छोटे-छोटे स्वार्थों के लिए मानवता को न छोड़े। खाद्य पदार्थों में मिलावट करके लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना अमानवीय कृत्य है। त्योहार स्वास्थ्य और खुशियों का आधार बनें, न कि बीमारियों का उपहार। उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाली आतिशबाजी से दूर रहने और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने की प्रेरणा भी दी।
कार्यक्रम की शुरुआत मुनिश्री द्वारा सुव्रत तीर्थंकर प्रभु की स्तुति से हुई। इस दौरान मन, वचन, काया और योग विषय पर विशेष प्रवचन हुआ। मुनिश्री ने इतिहास से जुड़ा एक दुर्लभ घटनाक्रम भी सुनाया। इससे पूर्व प्रातःकालीन प्रार्थना एवं मंगलपाठ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के सहमंत्री सुरेश बरड़िया, सुमेर चन्द्र बांठिया, कमल चौरड़िया, सुरेश जैन, ज्ञानचन्द बरड़िया, राजेन्द्र जैन, प्रो. जोराराम, अर्चित जैन









