स्पोर्ट्स डेस्क :भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और पूर्व चयनकर्ता अध्यक्ष क्रिस श्रीकांत ने स्टार बल्लेबाज़ विराट कोहली के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि 2027 वनडे विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के संदर्भ में कोहली के करियर को लेकर कोई जल्दबाज़ी या दबाव नहीं होना चाहिए और यह निर्णय पूरी तरह खिलाड़ी की इच्छा और फिटनेस पर आधारित होना चाहिए।
श्रीकांत ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिस तरह भारतीय क्रिकेट ने महान बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर के अंतिम करियर चरण में उनके अनुभव और निर्णय का सम्मान किया था, उसी तरह विराट कोहली के मामले में भी वही दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसे खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट की धरोहर होते हैं और उनके भविष्य को लेकर सम्मानजनक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
पूर्व चयनकर्ता का मानना है कि विराट कोहली अभी भी विश्व क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज़ों में से एक हैं। उनका अनुभव, तकनीक और दबाव में रन बनाने की क्षमता उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है। इसी कारण 2027 विश्व कप जैसे बड़े आयोजन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है, यदि वे फिटनेस और फॉर्म के मानकों पर खरे उतरते हैं।
क्रिस श्रीकांत ने यह भी कहा कि भारतीय टीम के चयन में केवल उम्र या भविष्य की योजनाओं के आधार पर निर्णय नहीं होना चाहिए, बल्कि वर्तमान प्रदर्शन और टीम की आवश्यकता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनके अनुसार, विराट कोहली जैसे खिलाड़ी बड़े मुकाबलों में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं, जो किसी भी टीम के लिए अत्यंत मूल्यवान होता है।
वर्तमान में भारतीय क्रिकेट में सीनियर खिलाड़ियों की भूमिका को लेकर लगातार चर्चा चल रही है। एक ओर युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो रही है, वहीं दूसरी ओर अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी को भी टीम संतुलन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसी बीच क्रिस श्रीकांत का यह बयान एक बार फिर उस बहस को गति देता है जिसमें यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या 2027 वनडे विश्व कप में भारत अनुभव पर भरोसा करेगा या पूरी तरह नई पीढ़ी के साथ आगे बढ़ेगा।


