ढाका : बांग्लादेश में भगवान राम की तस्वीर के कथित अपमान को लेकर हिंदू समुदाय में व्यापक आक्रोश देखने को मिला। राजधानी ढाका सहित विभिन्न स्थानों पर हिंदू संगठनों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान भगवान राम की तस्वीर का अपमान किया गया, जिससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। घटना की जानकारी सामने आने के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों ने इसे धार्मिक असहिष्णुता का उदाहरण बताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
ढाका में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर न्याय की मांग की तथा धार्मिक प्रतीकों के सम्मान की आवश्यकता पर बल दिया। कई छात्र संगठनों ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी धर्म या आस्था के प्रतीकों का अपमान स्वीकार्य नहीं हो सकता।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि देश में अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
इस मुद्दे ने उस समय और अधिक तूल पकड़ लिया जब देश में भगवान राम की एक प्रस्तावित विशाल प्रतिमा को लेकर भी विवाद सामने आया। हिंदू संगठनों का कहना है कि धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है तथा सभी समुदायों की आस्थाओं का समान सम्मान किया जाना चाहिए।
वहीं, प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। घटना के बाद बांग्लादेश में धार्मिक सौहार्द, अल्पसंख्यक अधिकारों और सामाजिक सहिष्णुता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।


