नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) लेकर आ रहा भारतीय हितों से जुड़ा जहाज ‘अल हामरा’ होर्मुज के संवेदनशील मार्ग को सुरक्षित रूप से पार कर भारत की ओर रवाना हो गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्र में समुद्री गतिविधियां बेहद संवेदनशील बनी हुई हैं और जलमार्ग के बंद होने की आशंकाएं लगातार जताई जा रही हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, जहाज ईरान की ओर से जलमार्ग को बंद करने की नई घोषणा से ठीक पहले होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने में सफल रहा। यह पोत अब तमिलनाडु के एन्नोर एलएनजी टर्मिनल की ओर बढ़ रहा है, जो दक्षिण भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। जहाज में बड़ी मात्रा में एलएनजी लदी हुई है, जिसका उपयोग ऊर्जा उत्पादन और उर्वरक उद्योग सहित कई क्षेत्रों में किया जाता है।
इस बीच केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी जानकारी दी कि भारत के ध्वज वाले तीन कच्चे तेल टैंकर—‘देश वैभव’, ‘देश विभोर’ और ‘सनमार हेराल्ड’—94 भारतीय चालक दल के सदस्यों के साथ सफलतापूर्वक होर्मुज पार कर चुके हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इन टैंकरों में 8.6 लाख टन से अधिक कच्चा तेल लदा हुआ है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार का व्यवधान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों और आयातक देशों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है। भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस क्षेत्र से होने वाली आपूर्ति पर काफी हद तक निर्भर है।
हाल के महीनों में क्षेत्रीय संघर्षों के कारण भारत ने अपने जहाजों और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा के लिए विशेष समुद्री निगरानी और सुरक्षा उपाय भी बढ़ाए हैं, ताकि आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।


