वॉशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को चेतावनी दी कि यदि ईरान किसी संभावित समझौते का पालन नहीं करता है तो अमेरिका आवश्यक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना वैश्विक आर्थिक चिंताओं से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
व्हाइट हाउस के ओवल कार्यालय में क्वांटम प्रौद्योगिकी से संबंधित दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर करने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान अपने वादों पर खरा नहीं उतरता है तो अमेरिका उचित कदम उठाएगा।
ट्रंप ने कहा, “यदि ईरान समझौते का पालन नहीं करता या उसका व्यवहार उचित नहीं रहता, तो मैं वही करूंगा जो आवश्यक होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि जब तक तेहरान अमेरिका का सम्मान करता रहेगा, दोनों देशों के बीच किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।
ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव संबंधी प्रश्नों के उत्तर में ट्रंप ने किसी आर्थिक मंदी की आशंका को खारिज कर दिया। उनका कहना था कि परमाणु हथियारों का प्रसार किसी भी आर्थिक संकट से कहीं अधिक गंभीर खतरा है।
उन्होंने कहा, “मंदी निश्चित रूप से बुरी होती है, लेकिन परमाणु हथियार उससे कहीं अधिक विनाशकारी साबित हो सकते हैं। परमाणु हथियारों का खतरा किसी भी आर्थिक संकट से बड़ा है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोहराया कि यदि ईरान किसी अंतिम समझौते की शर्तों का पालन नहीं करता है तो सैन्य विकल्प अब भी अमेरिका के लिए खुले रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए कठोर रुख बनाए रखेगी।
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उन्होंने उपराष्ट्रपति JD Vance के उस दावे का समर्थन किया है, जिसमें कहा गया था कि ईरान व्यापक हथियार निरीक्षण व्यवस्था स्वीकार करने के लिए तैयार है। हाल ही में स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच हुई वार्ताओं के बाद यह दावा सामने आया था।
अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक निरीक्षणों को स्वीकार करेगा। उन्होंने लिखा कि सभी पक्ष इस बात से अवगत हैं कि ईरान भविष्य में “परमाणु ईमानदारी” सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर हथियार निरीक्षणों की अनुमति देगा।
इससे पहले स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान वेंस ने अमेरिका-ईरान वार्ता को सकारात्मक बताया था। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संभावित अंतिम समझौते के लिए मजबूत आधार तैयार हो चुका है।
वेंस के अनुसार, वार्ता में क्षेत्रीय स्थिरता और ईरान के परमाणु कार्यक्रम की निगरानी से जुड़े महत्वपूर्ण तंत्रों पर सहमति की दिशा में प्रगति हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने परमाणु निरीक्षकों को देश में प्रवेश की अनुमति देने पर सहमति जताई है, जो यह सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम होगा कि तेहरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके।
हालांकि, ईरान ने इन दावों पर आपत्ति जताई है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ ईरान का सहयोग पहले से मौजूद सुरक्षा प्रावधानों और देश के कानूनों के अनुरूप जारी रहेगा।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए से बातचीत में बकाई ने कहा कि एजेंसी के साथ ईरान की सभी गतिविधियां सुरक्षा समझौतों, संसद द्वारा पारित कानूनों और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के निर्णयों के अनुरूप संचालित होती रहेंगी। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान ने किसी नई या अतिरिक्त निरीक्षण व्यवस्था पर औपचारिक सहमति नहीं दी है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक प्रयासों के बीच दोनों पक्षों के बयानों में दिखाई दे रहे अंतर ने संभावित समझौते को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। फिलहाल निगाहें आगामी दौर की वार्ताओं पर टिकी हैं, जहां परमाणु कार्यक्रम, निरीक्षण व्यवस्था और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर आगे की प्रगति तय होगी।


