स्पोर्ट्स डेस्क : अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने वनडे और टी20 वर्ल्ड कप के प्रारूप में बड़े बदलाव करने का फैसला लिया है। नए फॉर्मेट का उद्देश्य टूर्नामेंट को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना और हर मुकाबले को महत्वपूर्ण बनाना है। आईसीसी के इस बदलाव से आने वाले विश्व कप टूर्नामेंटों में टीमों के लिए आगे बढ़ने की राह और चुनौतीपूर्ण हो जाएगी।
नए प्रारूप के तहत वनडे वर्ल्ड कप में सुपर-7 चरण देखने को मिलेगा। इस फॉर्मेट में आगे पहुंचने वाली सात टीमें आपस में मुकाबला करेंगी। सुपर-7 में बेहतर प्रदर्शन करने वाली शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। इससे लीग चरण के बाद भी टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।
वहीं, टी20 वर्ल्ड कप के लिए सुपर-10 फॉर्मेट लागू किया जाएगा। 20 टीमों वाले टूर्नामेंट में ग्रुप चरण के बाद शीर्ष टीमें सुपर-10 राउंड में प्रवेश करेंगी। इस चरण में टीमों को दो समूहों में बांटा जाएगा और यहां से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों का फैसला होगा।
टी20 वर्ल्ड कप के नए प्रारूप में एलिमिनेटर मुकाबलों को भी शामिल किया गया है। सुपर-10 चरण में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमें सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेंगी, जबकि अन्य दावेदारों को एलिमिनेटर मुकाबलों के जरिए अंतिम चार में जगह बनाने का मौका मिलेगा।
आईसीसी का मानना है कि नए बदलावों से बड़े टूर्नामेंटों में रोमांच बढ़ेगा और टीमों को शुरुआत से ही बेहतर प्रदर्शन करना होगा। इससे कमजोर मानी जाने वाली टीमों को भी बड़े मंच पर अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिलेगा।
क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह बदलाव विश्व कप के अनुभव को और अधिक रोमांचक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में इन नए नियमों के साथ वनडे और टी20 विश्व कप का आयोजन किया जाएगा।








