तेल अवीव: अमेरिका के विशेष दूत और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने सोमवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ चार घंटे से अधिक चली बैठक में गाजा युद्धविराम प्रस्ताव को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। सीएनएन ने इजरायली सूत्र के हवाले से बताया कि कुशनर ने नेतन्याहू से ट्रंप समर्थित शांति योजना में बाधाएं नहीं खड़ी करने और प्रस्ताव पर आगे बढ़ने का आग्रह किया।
हालांकि, नेतन्याहू ने अपना रुख स्पष्ट रखते हुए कहा कि इजरायल गाजा से अपनी सेना तब तक वापस नहीं बुलाएगा, जब तक हमास पूरी तरह निरस्त्र नहीं हो जाता। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब नेतन्याहू ने इस महीने की शुरुआत में ट्रंप प्रशासन की 15 सूत्रीय गाजा युद्धविराम योजना पर आपत्ति जताई थी।
सीएनएन के अनुसार, नेतन्याहू ने कुशनर से कहा कि अक्टूबर के अंत में होने वाले इजरायली चुनावों को देखते हुए प्रस्ताव पर आगे बढ़ना मुश्किल है। सूत्र के मुताबिक, नेतन्याहू दक्षिणपंथी मतदाताओं के समर्थन को बनाए रखने के लिए गाजा मुद्दे पर किसी तरह की बड़ी रियायत देने से बच रहे हैं।
बैठक में नेतन्याहू ने यह भी कहा कि हमास के कमांडरों के खिलाफ इजरायल की लक्षित कार्रवाई की नीति में बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने अमेरिकी पक्ष से कहा कि हमास को पहले कदम उठाने होंगे। कुशनर और ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के निदेशक निकोलाय म्लादेनोव ने रविवार को मिस्र में हमास के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की थी।
निरस्त्रीकरण और सेना की वापसी पर मतभेद
गाजा में शांति प्रक्रिया की सबसे बड़ी अड़चन हमास के निरस्त्रीकरण और इजरायली सेना की वापसी के क्रम को लेकर है। नेतन्याहू का कहना है कि हमास को पहले पूरी तरह हथियार डालने होंगे, इसके बाद ही इजरायली सेना की वापसी शुरू होगी।
वहीं, हमास का कहना है कि उसका निरस्त्रीकरण इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी के साथ होना चाहिए। हमास ने यह भी स्पष्ट किया है कि गाजा में लगातार हो रहे इजरायली हमलों के बीच वह हथियार डालने के लिए तैयार नहीं है।
एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी के मुताबिक, नेतन्याहू ने कुशनर से कहा कि हमास के पूरी तरह निरस्त्र होने तक न तो इजरायली सैनिकों की वापसी होगी और न ही गाजा में पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।
अधिकारी के अनुसार, दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत हुए कि एक अमेरिकी जनरल हमास के हथियारों को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया की निगरानी करेगा। इसे गाजा के विसैन्यीकरण की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है।
बैठक में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने भी हिस्सा लिया। नेतन्याहू के कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, बैठक में दो कार्य समूह गठित करने पर सहमति बनी। पहला समूह गाजा के निरस्त्रीकरण और विसैन्यीकरण पर काम करेगा, जबकि दूसरा स्वच्छता, साफ पानी और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देगा।
अमेरिका गाजा शांति प्रस्ताव पर आगे बढ़ने के लिए इजरायल और हमास के बीच सहमति बनाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच निरस्त्रीकरण, इजरायली सेना की वापसी और गाजा के पुनर्निर्माण की शर्तों तथा उनके क्रम को लेकर अब भी गंभीर मतभेद बने हुए हैं।








