56 करोड़ के कर्ज में डूबे थे सनी देओल, ‘गदर 2’ ने बदली जिंदगी

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डेस्क : अभिनेता सनी देओल ने अपने करियर के उस मुश्किल दौर का खुलासा किया है, जब वह करीब 56 करोड़ रुपये के कर्ज में थे। हालांकि आर्थिक परेशानियों के बावजूद उनका कहना है कि वह उस दौर में भी खुश थे और उन्होंने पैसों के लिए अपनी जिंदगी के सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। सनी देओल ने यह बात यूट्यूबर शुभांकर मिश्रा के साथ बातचीत में कही।

सनी देओल ने बताया कि एक समय ऐसा आया जब फिल्मों से लगातार अच्छे ऑफर नहीं मिल रहे थे और आर्थिक स्थिति भी चुनौतीपूर्ण हो गई थी। उनके मुताबिक, उन पर करीब 55.99 करोड़ रुपये का कर्ज था। इस दौरान बैंक की ओर से उनके जुहू स्थित घर की नीलामी का नोटिस भी जारी किया गया था।

अपने ही फैसलों की वजह से बढ़ा आर्थिक बोझ

सनी देओल के मुताबिक, आर्थिक संकट का एक बड़ा कारण उनके प्रोडक्शन और निर्देशन से जुड़े फैसले रहे। उन्होंने कई फिल्मों में अपना पैसा लगाया, लेकिन उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। इससे उन पर आर्थिक दबाव बढ़ता गया। हालांकि उनका कहना है कि यह पैसा किसी दूसरे व्यक्ति का नहीं, बल्कि उनका अपना था और इसी वजह से उन्होंने स्थिति को अलग नजरिए से देखा।

‘मैं तब भी खुश था’

सनी देओल ने कहा कि कर्ज में होने के बावजूद उन्होंने खुद को दुखी नहीं किया। उनका मानना था कि जिंदगी सिर्फ पैसों से नहीं चलती। उन्होंने बताया कि वह अपनी जिंदगी जी रहे थे और उन्हें इस बात का अफसोस नहीं था कि उनके पास पैसा कम हो गया है।

उनके मुताबिक, जब मुश्किल समय आया तो उन्होंने अपनी संपत्तियां बेचकर कर्ज चुकाने का रास्ता अपनाया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वह किसी व्यक्ति के कर्जदार नहीं थे, बल्कि आर्थिक दबाव उनके अपने निवेश और संपत्तियों से जुड़ा था।

गदर 2 ने बदल दी तस्वीर

सनी देओल के करियर में बड़ा बदलाव साल 2023 में आया, जब ‘गदर 2’ रिलीज हुई। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की और सनी देओल एक बार फिर बड़े स्टार के तौर पर चर्चा में आ गए। इस सफलता ने उनके करियर को नई गति दी और आर्थिक स्थिति में भी बड़ा बदलाव आया।

इससे पहले सनी देओल ने ‘गदर’ और ‘इंडियन’ जैसी फिल्मों से बड़ी सफलता हासिल की थी, लेकिन बाद के वर्षों में उनके करियर में उतार-चढ़ाव आया। निर्देशन और प्रोडक्शन से जुड़े कुछ प्रोजेक्ट उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके, जिसका असर उनकी आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा।

मुश्किल वक्त में भी नहीं बदली सोच

सनी देओल ने अपने संघर्ष के दौर को याद करते हुए यह भी संकेत दिया कि आर्थिक परेशानी के बावजूद वह केवल पैसे कमाने के लिए कोई भी काम करने के पक्ष में नहीं थे। उनके लिए काम की संतुष्टि और अपने मूल्यों के साथ समझौता न करना ज्यादा महत्वपूर्ण रहा।

उनकी कहानी यह दिखाती है कि फिल्मी दुनिया में लंबे करियर के बावजूद किसी कलाकार को आर्थिक और पेशेवर उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। सनी देओल के मामले में ‘गदर 2’ की सफलता ने उनके करियर को एक बार फिर नई पहचान दी।