स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की कोचिंग को लेकर पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर ने सवाल उठाए हैं। जाफर का मानना है कि टीम प्रबंधन ने कुछ खिलाड़ियों के साथ बेहतर तरीके से व्यवहार किया होता तो स्थिति अलग हो सकती थी। उन्होंने खास तौर पर सूर्यकुमार यादव और मोहम्मद शमी का नाम लिया।
जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि कुछ खिलाड़ियों के साथ बेहतर बर्ताव किया जा सकता था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि टी20 विश्व कप जीतने के बाद सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर किया गया, जबकि मोहम्मद शमी के मामले में भी कुछ फैसलों को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था। हालांकि, जाफर ने स्पष्ट किया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में गंभीर के कार्यकाल को लेकर वह उन्हें पूरी तरह दोषी नहीं मानते।
गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने दो आईसीसी खिताब अपने नाम किए हैं। हालांकि, टेस्ट और वनडे क्रिकेट में टीम के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे हैं। जाफर ने विशेष रूप से घरेलू टेस्ट सीरीज में मिली हार को गंभीर के कार्यकाल की बड़ी कमजोरी बताया।
भारत को 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में 3-0 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने भी भारत को घरेलू मैदान पर 2-0 से शिकस्त दी। जाफर के अनुसार, इन दोनों सीरीज की हार का असर गंभीर के कोचिंग रिकॉर्ड पर लंबे समय तक रहेगा।
उन्होंने कहा कि भारत को घरेलू मैदान पर इस तरह हारना बेहद निराशाजनक था और टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के प्रदर्शन में सुधार की काफी गुंजाइश है। जाफर के मुताबिक, यह सुधार केवल कोच ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के स्तर पर भी जरूरी है।
वसीम जाफर की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब गौतम गंभीर के कार्यकाल और भारतीय टीम के प्रदर्शन को लेकर क्रिकेट जगत में लगातार चर्चा जारी है।








