जमा पर ब्याज दरों में फिलहाल बढ़ोतरी नहीं, एसबीआई ने बताया कारण

0

डेस्क : भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने कहा है कि बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त नकदी उपलब्ध होने के कारण अगले दो से तीन महीनों में जमा पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि फिलहाल बैंकों पर अधिक जमा जुटाने के लिए ब्याज दर बढ़ाने का दबाव नहीं है।

शेट्टी ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था में मौजूद अतिरिक्त नकदी के कारण जमा दरों में तत्काल बढ़ोतरी की जरूरत महसूस नहीं हो रही है। हालांकि, यदि कर्ज की मांग और ऋण वृद्धि इसी गति से जारी रहती है और बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी घटती है तो आने वाले समय में जमा दरों में बढ़ोतरी की आवश्यकता पड़ सकती है।

ग्राहकों पर क्या होगा असर

एसबीआई के इस रुख का असर बचत और सावधि जमा करने वाले ग्राहकों पर पड़ सकता है। अगले कुछ महीनों में नई सावधि जमा कराने वाले ग्राहकों को ब्याज दरों में तत्काल बढ़ोतरी का लाभ मिलने की संभावना कम है। वहीं, पहले से तय ब्याज दर पर चल रही सावधि जमा पर इसका कोई तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

शेट्टी ने कहा कि जमाकर्ताओं को महंगाई को ध्यान में रखते हुए वास्तविक रूप से सकारात्मक ब्याज दर मिलना जरूरी है। यदि महंगाई और कर्ज की मांग में बढ़ोतरी जारी रहती है तथा बैंकिंग प्रणाली में उपलब्ध अतिरिक्त नकदी कम होती है, तो भविष्य में जमा दरों में बदलाव की जरूरत हो सकती है।

ऋण वृद्धि तेज रहने की उम्मीद

एसबीआई को उम्मीद है कि उसकी ऋण वृद्धि करीब 14 से 15 प्रतिशत के स्तर पर बनी रह सकती है। बैंक का मानना है कि मजबूत ऋण मांग के कारण आने वाले समय में जमा और ऋण के बीच संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल में रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इसके बावजूद एसबीआई के अनुसार जमा दरों में तत्काल वृद्धि की स्थिति फिलहाल नहीं बन रही है।