अमेरिकी बाजार में रूसी डीजल की होगी बड़ी आपूर्ति, ट्रंप ने दी प्रतिबंधों में ढील

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डेस्क : अमेरिका में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के प्रयासों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से बड़े पैमाने पर डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने का दावा किया है। ट्रंप के अनुसार, रूस तत्काल 3 लाख टन से अधिक डीजल उपलब्ध कराएगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और आगे चलकर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की योजना है। इस बीच, अमेरिकी प्रशासन ने रूसी डीजल की वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान बनाने के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी किया है, जो अप्रैल 2027 तक प्रभावी रहेगा।

रूस द्वारा यूक्रेन पर फरवरी 2022 में किए गए हमले के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने मॉस्को पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे। ऐसे में ट्रंप का यह कदम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे अनुचित और कमजोर निर्णय बताया।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकी नागरिकों, विशेषकर किसानों, पशुपालकों और ट्रक चालकों के लिए ईंधन की कीमतें कम करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमेरिका में आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करना ट्रंप प्रशासन के लिए राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ईंधन की कीमतों में भारी उछाल

अमेरिका में फरवरी के अंत से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। नियमित पेट्रोल की औसत कीमत 46 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 4.37 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गई है, जबकि डीजल की कीमत में लगभग 67 प्रतिशत की वृद्धि के बाद यह 6.28 डॉलर प्रति गैलन हो गई है।

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई तथा इसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुए व्यवधान ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के प्रमुख तेल और ऊर्जा परिवहन मार्गों में शामिल है। ट्रंप ने ईंधन की बढ़ती कीमतों के लिए रूसी तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों को भी जिम्मेदार ठहराया है।

रूस की ओर से क्रेमलिन ने कहा कि मॉस्को अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में तेल तथा पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिए अपनी तत्परता दोहरा चुका है।

रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने की कोशिशें जारी

इस बीच, रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के लिए अमेरिका की कूटनीतिक कोशिशें भी जारी हैं। शुक्रवार को मियामी में अमेरिकी और यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत हुई। अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने वार्ता को रचनात्मक बताते हुए कहा कि इसमें सर्दियों से पहले तनाव कम करने और रूस के साथ युद्ध समाप्त करने के संभावित रास्तों पर चर्चा की गई।

बैठक में ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के प्रतिनिधियों के साथ नाटो और यूरोपीय संघ के अधिकारी भी शामिल हुए। बातचीत में यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी, यूरोप की दीर्घकालिक सुरक्षा व्यवस्था और युद्ध के बाद यूक्रेन के पुनर्निर्माण जैसे मुद्दों पर विचार किया गया।

हालांकि, युद्ध समाप्त करने की राह अब भी कठिन बनी हुई है। रूस पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण की मांग कर रहा है, जबकि जेलेंस्की यूक्रेन के नियंत्रण वाले क्षेत्रों को छोड़ने के खिलाफ हैं। रूस वर्तमान में यूक्रेन के लगभग पांचवें हिस्से पर कब्जा किए हुए है।

युद्ध के बीच नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले भी जारी हैं। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को यूक्रेन के अग्रिम मोर्चे के शहर क्रामातोर्स्क में बसों पर रूसी हमले में 30 लोगों की मौत हुई।

रूस से डीजल आपूर्ति को लेकर ट्रंप का फैसला जहां अमेरिकी बाजार में ईंधन की कीमतें घटाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, वहीं इससे रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों और यूक्रेन के प्रति पश्चिमी देशों की नीति को लेकर नए सवाल भी उठे हैं।