डेस्क : मध्य अमेरिकी देश पनामा में मंगलवार तड़के 6.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 4 बजकर 50 मिनट पर आया। इसकी गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे थी। भूकंप का केंद्र 7.683 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 81.405 डिग्री पश्चिमी देशांतर पर स्थित था।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भूकंप से संबंधित जानकारी साझा की। इससे पहले शुक्रवार रात पनामा में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसके बाद 147 आफ्टरशॉक्स यानी भूकंप के बाद के झटके दर्ज किए गए। आपातकालीन संचालन केंद्र के निदेशक रेने गार्सिया ने CNN को बताया कि इनमें कुछ झटकों की तीव्रता 6.1 और 6.6 तक रही।
भारत ने पनामा के प्रति जताई संवेदना
भूकंप के बाद भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पनामा की सरकार और वहां के लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने घायलों और आपदा से प्रभावित लोगों के लिए संवेदना जताते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में पनामा के साथ खड़ा है। विदेश मंत्रालय ने भी पनामा की सरकार और जनता के प्रति भारत की एकजुटता दोहराई।
राहत कार्यों के लिए पनामा में आपातकाल घोषित
भूकंप से प्रभावित लोगों की सहायता और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए पनामा सरकार ने शनिवार को आपातकाल घोषित किया। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, राष्ट्रपति भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रेसीडेंसी मंत्री जुआन कार्लोस ओरिलैक ने कहा कि इस फैसले से सरकारी एजेंसियों को आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहने और प्रभावित समुदायों की मदद करने में सुविधा मिलेगी।
ओरिलैक के मुताबिक, राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने राहत अभियान के समन्वय, संसाधनों के प्रबंधन और प्रभावित लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक आयोग गठित करने का निर्देश दिया है। सरकार ने राजधानी पनामा सिटी के ओमर पार्क सहित विभिन्न स्थानों पर राहत सामग्री और दान एकत्र करने के केंद्र भी स्थापित किए हैं।
घरों, स्कूलों और सड़कों को नुकसान
शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 12 बजकर 56 मिनट पर आए भूकंप का केंद्र लॉस सैंटोस प्रांत के टोनोसी क्षेत्र से लगभग 39 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था। भूकंप से देश के कई हिस्सों में घरों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, सड़कों और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा।
CNN ने अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के हवाले से भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 7.7 बताई। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ लोग मामूली रूप से घायल हुए, हालांकि उस समय तक किसी की मौत या लापता होने की सूचना नहीं थी। पनामा की नागरिक सुरक्षा प्रणाली के मुताबिक, कई घरों, होटलों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, चर्चों और सरकारी इमारतों को संरचनात्मक क्षति पहुंची।
सबसे अधिक नुकसान दक्षिणी तट पर स्थित कोक्ले प्रांत में दर्ज किया गया, जबकि राजधानी पनामा सिटी में भी कुछ इमारतें प्रभावित हुईं।
मेट्रो सेवाएं और हवाई अड्डा भी हुए प्रभावित
भूकंप के बाद एहतियात के तौर पर पनामा की मेट्रो की दो लाइनों पर सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं। देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी अस्थायी रूप से बंद किया गया, हालांकि बाद में परिचालन दोबारा शुरू कर दिया गया।
राष्ट्रपति मुलिनो ने लोगों से शांत रहने की अपील की और राहत कार्यों के लिए संसाधन जुटाए। उन्होंने पेनोनोमे स्थित एक प्रभावित अस्पताल का दौरा भी किया, जहां मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर खुले स्थान पर उपचार दिया गया।
इस बीच, अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने शुरुआत में मध्य और दक्षिण अमेरिका के नौ देशों के तटीय क्षेत्रों में संभावित सुनामी के खतरे को लेकर चेतावनी दी थी। हालांकि, बाद में सुनामी का खतरा समाप्त होने की सूचना दी गई।
लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के बीच पनामा में राहत एवं बचाव कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।








