नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली में शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद शनिवार को अदालत से राहत मिल गई। विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी। शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक मुचलका भरने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
दिल्ली पुलिस ने दीपके को शुक्रवार को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले एहतियातन हिरासत में लिया था। इसके बाद पुलिस ने शांति भंग करने से संबंधित मामले में कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया। शनिवार को उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें सशर्त जमानत मिल गई।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, दीपके को इससे पहले 10 अक्टूबर को दिल्ली हवाई अड्डे पर भी हिरासत में लिया गया था। उस समय भी शांति बनाए रखने के लिए उनसे एक वर्ष तक शांति कायम रखने संबंधी मुचलका भरवाया गया था। हालिया कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
नेहा बोरा को भी लिया गया था हिरासत में
दीपके के अलावा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था। हालांकि, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। बोरा ने हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अनुचित बताया।
तिरंगा मार्च के दौरान प्रदर्शन
शुक्रवार को दिल्ली में प्रस्तावित मार्च और उससे जुड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया था। कनॉट प्लेस और मंडी हाउस सहित विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया वापस लेने और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित कानून को वापस लेने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच मामूली झड़पें भी हुईं। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की थी।
अदालत से सशर्त जमानत मिलने और आवश्यक मुचलका भरने के बाद अभिजीत दीपके की रिहाई हो गई।









