जहां गूंज रहे थे दुर्गा मां के जयकारे, वहां मची चीख-पुकार; भगदड़ में गई लोगों की जान

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कोलकाता :  पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान एक पंडाल में मची भगदड़ ने उत्सव को मातम में बदल दिया। उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भारी भीड़ के बीच अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, संकरे प्रवेश और निकास द्वार, बारिश और रोशनी की कमी ने हालात को और गंभीर बना दिया।

मां को आंखों के सामने खो दिया, बेटे ने सुनाई दर्दनाक कहानी

हादसे में अपनी मां को खोने वाले 25 वर्षीय सोनू पाल ने बताया कि वह अपनी मां के साथ दुर्गा पूजा पंडाल देखने पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए लोग पंडाल के प्रवेश द्वार की ओर जमा होने लगे। देखते ही देखते भीड़ का दबाव बढ़ गया और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे।

सोनू के मुताबिक, वह भी भीड़ में फंस गए थे। किसी तरह संभलने के बाद जब वह अपनी मां के पास पहुंचे, तब तक उनकी मां की मौत हो चुकी थी। इस हादसे ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया।

संकरे गेट और अंधेरे ने बढ़ाई परेशानी

प्रत्यक्षदर्शियों ने पंडाल में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि प्रवेश और निकास, दोनों द्वार संकरे थे। इसके अलावा, घटनास्थल के आसपास पर्याप्त रोशनी भी नहीं थी।

प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, पंडाल में प्रवेश के लिए करीब डेढ़ घंटे तक लंबी कतार लगी हुई थी। बारिश शुरू होने के बाद लोग जल्द से जल्द अंदर जाने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान अंधेरे और भीड़ के कारण कुछ लोग गिर पड़े। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई।

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि भगदड़ के दौरान कई लोग बेहोश हो गए थे। कुछ घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए मोटरसाइकिलों का भी सहारा लेना पड़ा।

बारिश और भारी भीड़ बनी हादसे की वजह

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी। बारिश से बचने के लिए प्रवेश द्वार के पास लोगों की संख्या बढ़ गई। संकरी गलियों और सीमित जगह के कारण लोगों को निकलने में परेशानी हुई। इसी दौरान भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

पुलिस के मुताबिक, घटना शाम करीब 7:40 बजे पंडाल के निकास द्वार के पास हुई। राहत और बचाव दल ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद पंडाल में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया।

अस्पताल पहुंचे अधिकारी, जांच शुरू

हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य तेज किए गए हैं। हादसे के कारणों और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जांच की जा रही है। राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों की सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 भी जारी किया है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

कोलकाता की इस घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन निकास, रोशनी और सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के बाद अब यह जांच महत्वपूर्ण हो गई है कि पंडाल में श्रद्धालुओं की संख्या के अनुपात में पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं।

फिलहाल प्रशासन हादसे की परिस्थितियों की जांच में जुटा है। इस दर्दनाक घटना ने दुर्गा पूजा के उल्लास के बीच कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है।