डेस्क : फ्रांस में महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के खिलाफ हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाओं पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कड़ा रुख अपनाया है। रविवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने कहा कि इस तरह की बेलगाम हिंसा को किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
मैक्रों ने कहा कि मौजूदा हालात को लेकर सभी के मन में गुस्सा और शर्मिंदगी है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की जायज मांगों और हिंसा करने वाले लोगों के बीच अंतर करने की जरूरत पर जोर दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि जिन लोगों ने तोड़फोड़, लूटपाट और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। सरकार दंगाइयों के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरतेगी।
उन्होंने शहरों की सड़कों पर हुई तोड़फोड़ और सार्वजनिक स्थलों को नुकसान पहुंचाए जाने पर दुख जताते हुए कहा कि इस तरह शहरों को उजाड़ते देखना असहनीय है। मैक्रों ने भरोसा दिलाया कि सरकार प्रभावित कारोबारियों और दुकानदारों को आवश्यक सहायता प्रदान करेगी।
राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार के वरिष्ठ अधिकारी स्थानीय महापौरों के साथ मिलकर शहरों, सार्वजनिक भवनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी फैसले लेंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई की पूरी पारदर्शिता के साथ समीक्षा की जाएगी।
प्रदर्शनों से पहले पुलिस की तैयारियों और खुफिया सूचनाओं के आकलन को लेकर उठे सवालों के बीच मैक्रों ने गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज को पूरे घटनाक्रम से जरूरी सबक लेने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से खुफिया जानकारी जुटाने और संभावित हिंसा का पहले से अनुमान लगाने की व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा। राष्ट्रपति ने इस मामले में स्पष्ट जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया।
करीब 2,400 लोग गिरफ्तार, लगभग 1,000 सुरक्षाकर्मी घायल
फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, शनिवार को देशभर में हुई हिंसा के दौरान करीब 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान पुलिस और जेंडरमेरी के लगभग 1,000 जवान घायल हुए, जिनमें से सात की हालत गंभीर बताई गई। हिंसा और बड़े पैमाने पर हुई तोड़फोड़ के बाद सरकार ने कानून-व्यवस्था बहाल करने और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने का संकेत दिया है।









