पहले अडानी, फिर चंद्रशेखरन और अब जामनगर, रुबियो अमेरिका के लिए कर रहे पिच तैयार

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नई दिल्‍ली: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को मुंबई में अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन से मुलाकात की। इसके बाद वह जामनगर के लिए रवाना हो गए। न्‍यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी।
मंगलवार दोपहर मुंबई पहुंचे रुबियो ने पहले अडानी से और फिर चंद्रशेखरन से मुलाकात की।

अमेरिकी दूत पिच कर रहे तैयार

इन मुलाकातों के जरिये रुबियो भारत के दो सबसे बड़े कारोबारी समूहों के प्रमुखों से आमने-सामने मिले। इन समूहों का इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में बड़ा निवेश है।

अडानी समूह का कारोबार बंदरगाहों, हवाई अड्डों, बिजली, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है। यह समूह रिन्यूएबल एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी अपना विस्तार कर रहा है। कारण है कि भारत अपनी घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने में लगा है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है।

अडानी के बाद चंद्रशेखरन से मुलाकात

चंद्रशेखरन टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी ‘टाटा संस’ के प्रमुख हैं। टाटा समूह का कारोबार ऑटोमोबाइल, स्टील और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से लेकर एविएशन और इलेक्ट्रॉनिक्स तक फैला हुआ है।

टाटा समूह सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और बैटरी टेक्नोलॉजी में निवेश कर रहा है। ये दोनों ही क्षेत्र भारत के उस लक्ष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, जिसके तहत भारत खुद को एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब बनाना चाहता है।

रुबियो की ये मुलाकातें ऐसे समय में हुई हैं जब भारत और अमेरिका ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और निवेश के क्षेत्रों में अपना सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

रिलायंस के जामनगर कॉम्प्लेक्स पहुंचे रुबियो

मुंबई में हुई मुलाकातों के बाद रुबियो जामनगर गए। वहां उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स, ‘वनतारा’ वन्यजीव संरक्षण केंद्र और कंपनी की आगामी ‘ग्रीन एनर्जी गीगा फैक्ट्रियों’ का दौरा किया।

रिलायंस की जामनगर सुविधा दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-साइट ऑयल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स है। यहां हर दिन करीब 14 लाख बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता है।

जामनगर दौरे में ‘वनतारा’ का दौरा भी शामिल है। यह वन्यजीवों के बचाव, इलाज और पुनर्वास की एक पहल है। इसे अनंत अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस इंडस्ट्रीज और रिलायंस फाउंडेशन ने विकसित किया है।

3,500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला ‘वनतारा’ मुख्य रूप से बचाए गए और घायल जानवरों की देखभाल करने के साथ वन्यजीव संरक्षण के कामों पर फोकस करता है।

अमेरिका के फोकस में रिलायंस ग्रीन एनर्जी

रुबियो रिलायंस के ‘धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स’ का भी दौरा करने वाले हैं। यह एक औद्योगिक प्रोजेक्ट है। इसे जामनगर में 5,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इस कॉम्प्लेक्स को सोलर फोटोवोल्टिक मॉड्यूल, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, ग्रीन हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर, फ्यूल सेल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माण के लिए डिजाइन किया गया है।

यह निवेश रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी अपने मौजूदा तेल रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार के साथ एक इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी बिजनेस भी खड़ा करना चाहती है।

इन प्रस्तावित सुविधाओं का मकसद भारत की घरेलू क्लीन एनर्जी निर्माण क्षमताओं को मजबूत करना और आयातित उपकरणों पर निर्भरता को कम करना है।