म्यांमार में ट्रेनिंग कैंप चलाने के आरोपों से घिरा अमेरिकी नागरिक भारत लौटा

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डेस्क :  म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक आखिरकार अमेरिका से भारत लौट आया है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को वह दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुआ। सितंबर में डिफॉल्ट जमानत मिलने के बाद उसे अपने परिवार से मिलने के लिए एक महीने तक अमेरिका में रहने की अनुमति दी गई थी। उसकी भारत वापसी को लेकर सवाल उठ रहे थे, लेकिन अदालत में पेश होने के साथ ही इस पर बना सस्पेंस समाप्त हो गया।

वैनडाइक ने एक अक्टूबर को अमेरिका से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश होकर भारत लौटने की बात कही थी। उसने 21 अक्टूबर को वापसी की जानकारी दी थी। अदालत ने उसे निर्धारित अवधि में भारत लौटने और जांच में सहयोग करने की शर्त पर विदेश जाने की अनुमति दी थी।

क्या है पूरा मामला?

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस साल मार्च में वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप था कि इन सात विदेशी नागरिकों ने भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र से म्यांमार पहुंचकर वहां सक्रिय जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन युद्ध और सैन्य तकनीक से जुड़ा प्रशिक्षण दिया।

जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने मिजोरम के रास्ते म्यांमार में प्रवेश किया था। उन पर आवश्यक अनुमति के बिना प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने और ड्रोन संचालन, असेंबलिंग तथा जैमिंग तकनीक का प्रशिक्षण देने के आरोप लगाए गए थे। मामले में चिन नेशनल फ्रंट (CNF) और काचिन इंडिपेंडेंस आर्मी (KIA) जैसे संगठनों से कथित संपर्कों की भी जांच की गई।

UAPA जांच अभी भी महत्वपूर्ण

इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का अहम पहलू यह है कि NIA ने आठ सितंबर को दाखिल अपनी चार्जशीट में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आरोप शामिल नहीं किए थे। एजेंसी ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के प्रावधानों के तहत आरोप दाखिल किए थे। हालांकि, NIA ने स्पष्ट किया था कि UAPA से जुड़े संभावित अपराधों की जांच जारी है और पर्याप्त आधार मिलने पर पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।

निर्धारित 180 दिनों की अवधि में जांच पूरी नहीं होने के आधार पर वैनडाइक को 18 सितंबर को डिफॉल्ट जमानत मिली थी। बाद में छह यूक्रेनी नागरिकों को भी जमानत दी गई। प्रत्येक आरोपी पर इमिग्रेशन संबंधी उल्लंघनों के निपटारे के लिए 5.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

डिफॉल्ट जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और UAPA से जुड़े पहलुओं की जांच पर नजर बनी हुई है।

छह यूक्रेनी नागरिकों की वापसी पर भी नजर

वैनडाइक के साथ इस मामले में छह यूक्रेनी नागरिक भी आरोपी हैं। इनमें पेट्रो हुरबा, तारास स्लिवियाक, इवान सुकमानोव्स्की, मारियान स्टेफानकिव, मैक्सिम होनचारुक और विक्टर कामिंस्की शामिल हैं। इन सभी को भी सितंबर में अपने-अपने देश जाने की अनुमति दी गई थी। अब मामले में आगे की जांच और अदालत की कार्यवाही के दौरान इन आरोपियों की भूमिका तथा जांच में उनके सहयोग पर नजर रहेगी।