डेस्क : उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सफाई कर्मचारियों को लेकर बड़ा चुनावी वादा किया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो सफाईकर्मियों को सोलर पैनल से लैस मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। इस घोषणा को सपा की चुनावी रणनीति और सामाजिक वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
सफाईकर्मियों को साधने की सपा की रणनीति
वाल्मीकि जयंती के अवसर पर अखिलेश यादव ने सफाई कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर सफाईकर्मियों को मुफ्त मकान देने की योजना पर काम किया जाएगा। इन मकानों में सोलर पैनल की सुविधा भी होगी।
अखिलेश यादव ने वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का वादा भी किया। उनके इन ऐलानों के जरिए सपा ने सफाई कर्मचारी समुदाय से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने की कोशिश की है।
आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म करने का वादा
सपा अध्यक्ष ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के कारण वाल्मीकि समाज के कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि सत्ता में आने पर उनकी पार्टी इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाएगी।
यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सफाई कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा, वेतन और कामकाज की परिस्थितियां लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रही हैं। सपा के इन वादों का चुनावी असर कितना होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
मतदाता सूची को लेकर भाजपा पर हमला
अखिलेश यादव ने इस दौरान भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए और वोटों में हेराफेरी के आरोप लगाए। ये आरोप सपा अध्यक्ष की ओर से लगाए गए हैं।
पीडीए के सहारे चुनावी समीकरण मजबूत करने की कोशिश
अखिलेश यादव लगातार पीडीए यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को अपने राजनीतिक अभियान के केंद्र में रख रहे हैं। सफाईकर्मियों के लिए आवास, सोलर बिजली और रोजगार से जुड़े वादों को भी इसी व्यापक राजनीतिक रणनीति के संदर्भ में देखा जा सकता है।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और जनकल्याण के मुद्दों के जरिए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है। अब देखना होगा कि अखिलेश यादव के ये वादे चुनावी राजनीति में सपा को कितना लाभ पहुंचाते हैं।









