डेस्क : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठनात्मक ढांचे को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पार्टी ने 548 सदस्यों वाली प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा की है। इसके साथ ही 30 स्थायी आमंत्रित और 134 विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची भी जारी की गई है।
नई कार्यसमिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत भाजपा के कई प्रमुख नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्रदेश संगठन की इस घोषणा को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
मोदी-योगी समेत कई वरिष्ठ नेता सूची में शामिल
स्थायी आमंत्रित सदस्यों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक के नाम शामिल हैं। इनके अलावा केंद्र और प्रदेश की राजनीति से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं को भी इस सूची में स्थान दिया गया है।
भाजपा की ओर से घोषित सूची में केंद्रीय मंत्री, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी शामिल हैं। वहीं, 134 विशेष आमंत्रित सदस्यों की घोषणा के जरिए संगठन के विभिन्न स्तरों से जुड़े नेताओं को भी कार्यसमिति में शामिल किया गया है।
विधानसभा चुनाव से पहले संगठन पर फोकस
उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। ऐसे में प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा को चुनाव से पहले संगठन को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। कार्यसमिति के माध्यम से पार्टी के संगठनात्मक मुद्दों, राजनीतिक गतिविधियों और आगामी रणनीति पर चर्चा का मंच तैयार होता है।
पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 30 और 31 अक्टूबर को लखनऊ में प्रस्तावित बताई गई है। इस बैठक में संगठन की प्राथमिकताओं और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर चर्चा होने की संभावना है।
उमा भारती और वरुण गांधी के नाम चर्चा में
नई सूची में पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती और वरुण गांधी के नाम शामिल नहीं हैं। पिछली कार्यसमिति में दोनों नेताओं के नाम होने के कारण नई सूची में उनकी अनुपस्थिति भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकती है।
प्रदेश भाजपा की नई कार्यसमिति के गठन के बाद अब संगठन की आगामी बैठकों और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की गतिविधियों पर नजर रहेगी।









