डेस्क : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावी धोखाधड़ी की जानकारी देने वालों को 10 लाख डॉलर (करीब 8.9 करोड़ रुपये) का इनाम देने की घोषणा की है। यह इनाम पिछले चुनावों और आगामी 2026 के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में कथित वोटिंग धोखाधड़ी से जुड़ी जानकारी देने वालों को दिया जाएगा। हालांकि, इनाम पाने के लिए संबंधित आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि होना आवश्यक होगा।
ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति पिछले चुनावों या आगामी 2026 के मध्यावधि चुनावों में मतदाता धोखाधड़ी की जानकारी देगा, उसे संबंधित लोगों की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि होने पर 10 लाख डॉलर का भुगतान किया जाएगा।
3 नवंबर को होंगे मध्यावधि चुनाव
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मध्यावधि चुनाव होने हैं। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों पर मतदान होगा। इसके अलावा कई राज्यों और स्थानीय निकायों के चुनाव भी होंगे। इन चुनावों के नतीजे तय करेंगे कि अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में किस दल का प्रभाव रहेगा।
मध्यावधि चुनाव ट्रंप प्रशासन के लिए राजनीतिक रूप से काफी अहम माने जा रहे हैं। इनके परिणामों का असर सरकार की नीतियों और विधायी एजेंडे पर पड़ सकता है।
इनाम की प्रक्रिया पर स्थिति स्पष्ट नहीं
ट्रंप की घोषणा के बाद इनाम की व्यवस्था को लेकर कुछ सवाल भी सामने आए हैं। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इनाम की राशि किस स्रोत से दी जाएगी, शिकायतें किस विभाग के पास जमा होंगी और कौन-सी प्रक्रिया के तहत जानकारी की जांच की जाएगी। इनाम के लिए पात्रता तय करने वाले मानदंडों को लेकर भी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
ट्रंप पहले भी अमेरिकी चुनावों में कथित धोखाधड़ी को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। हालांकि, इस ताजा घोषणा में उन्होंने किसी विशेष मामले का उल्लेख नहीं किया और न ही किसी नई कथित चुनावी गड़बड़ी के समर्थन में अलग से साक्ष्य प्रस्तुत किए।
ऐसे में 2026 के मध्यावधि चुनाव से ठीक पहले की गई इस घोषणा ने अमेरिका में चुनावी पारदर्शिता, मतदान प्रक्रिया और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को लेकर चर्चा को फिर तेज कर दिया है।









