‘पंजाब को फिर नशे में धकेलने की तैयारी’: अमित शाह पर केजरीवाल का तीखा हमला

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डेस्क : पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य की राजनीति में नशे का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के संभावित गठबंधन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इस तरह का गठबंधन पंजाब को फिर से नशे के संकट की ओर धकेल सकता है।

बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में 736 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थों की बिक्री के आरोपी व्यक्ति के साथ गठबंधन की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गुजरात के रास्ते पंजाब में नशा पहुंचाकर उसकी बिक्री की जाएगी। हालांकि, ये आरोप केजरीवाल की ओर से लगाए गए हैं।

भाजपा-अकाली गठबंधन बना सियासी टकराव का मुद्दा

पंजाब में भाजपा और अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाओं ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। केजरीवाल ने इसी मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए नशे के खिलाफ उसकी रणनीति पर सवाल उठाए। इससे पहले भी वह अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और अमित शाह को लेकर तंज कस चुके हैं।

केजरीवाल ने शनिवार को कहा था कि मजीठिया के साथ गठबंधन करके अमित शाह यदि पंजाब से नशा खत्म करने का दावा करेंगे, तो यह दुनिया का आठवां अजूबा होगा। आप नेता ने इस बयान के जरिए भाजपा और अकाली दल के संभावित राजनीतिक तालमेल को निशाने पर लिया।

भाजपा का दावा—सभी 117 सीटों पर लड़ेंगे चुनाव

गठबंधन की अटकलों के बीच पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा है कि भाजपा राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी के इस रुख से गठबंधन को लेकर जारी चर्चाओं के बीच राजनीतिक स्थिति और दिलचस्प हो गई है।

गौरतलब है कि कृषि कानूनों के विरोध के दौरान सितंबर 2020 में अकाली दल ने भाजपा से अपना गठबंधन तोड़ लिया था। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में अकाली दल को तीन और भाजपा को दो सीटें मिली थीं।

राहुल गांधी भी संभालेंगे कांग्रेस की चुनावी कमान

पंजाब में चुनावी मुकाबले की तैयारी कांग्रेस ने भी तेज कर दी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चार नवंबर को राज्य में पार्टी के चुनाव अभियान की शुरुआत करने वाले हैं। ऐसे में 2027 के चुनाव से काफी पहले ही राजनीतिक दल अपनी रणनीति और चुनावी मुद्दों को धार देने में जुट गए हैं।

पंजाब में नशे का मुद्दा, संभावित गठबंधन और विपक्षी दलों की चुनावी तैयारियां आने वाले समय में सियासी बहस के प्रमुख केंद्र बने रह सकते हैं। अब देखना होगा कि भाजपा और अकाली दल के बीच गठबंधन को लेकर तस्वीर कितनी स्पष्ट होती है और इसका चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।