डेस्क : स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने वायरल अश्लील टिप्पणी वाले वीडियो को लेकर उठे विवाद पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। शनिवार को इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक भावुक वीडियो में उन्होंने स्वीकार किया कि यह उनकी गलती थी और उन्होंने लोगों से एक और मौका देने की अपील की।
मोरे ने अपने स्वयं के वीडियो में कहा कि वह काफी समय से इस विषय पर बोलना चाहते थे, लेकिन उनका इंस्टाग्राम अकाउंट निलंबित हो गया था। उन्होंने बताया कि जिस क्राउड वर्क वीडियो को लेकर विवाद हुआ, उसमें एक व्यक्ति ने आपत्तिजनक और अपमानजनक बातें कही थीं, जिन पर लोग हंस रहे थे, और इसी माहौल में वे भी बह गए।
उन्होंने कहा कि यह उनकी निर्णय क्षमता की चूक थी और यह एक बड़ी गलती साबित हुई। मोरे के अनुसार, यदि वे चाहते तो उस समय स्थिति को रोक सकते थे या उसका विरोध कर सकते थे, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए और उस व्यक्ति को मंच मिल गया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
कॉमेडियन ने कहा कि इस घटना से जिन लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, वे उनसे माफी चाहते हैं और वे इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने ऊपर चल रही कानूनी कार्रवाई में जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।
मोरे ने अपने संदेश में यह भी कहा कि वह अपने व्यवहार और कंटेंट दोनों पर काम कर रहे हैं और भविष्य में अपने काम में सुधार दिखेगा। उन्होंने जनता से उन्हें एक और मौका देने की अपील की।
इस पूरे विवाद के बीच महाराष्ट्र साइबर ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा, डॉ. सेजल पवार और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई है। आरोप है कि गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप शो से जुड़े कुछ वीडियो और क्लिप सोशल मीडिया पर साझा किए गए, जिनमें अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री शामिल थी।
आरोपों के अनुसार, कुछ वीडियो में महिलाओं, सहमति और मृत व्यक्तियों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया। महाराष्ट्र साइबर ने बताया कि यह मामला यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर साझा की गई सामग्री से जुड़ा है।
एफआईआर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत दर्ज की गई है।
इस बीच मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टैंड-अप कॉमेडी शो पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसे शो भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं हैं और वे इस विषय पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखेंगी।
वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को प्राप्त है, लेकिन इसका जिम्मेदारी से उपयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब अभिव्यक्ति अनियंत्रित हो जाती है, तो यह समाज में अन्य लोगों के गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का उल्लंघन कर सकती है।


