लखनऊ :उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर ध्वस्तीकरण आदेश को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार के कार्यकाल में कथित तौर पर ध्वस्तीकरण आदेश रद्द किए जाने के मामलों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर सवाल उठाए हैं।
ब्रजेश पाठक ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान अवैध निर्माण और ध्वस्तीकरण से जुड़े मामलों में नियमों को नजरअंदाज कर आदेशों को रद्द किया गया, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि उस समय की सरकार में कार्रवाई के बजाय राजनीतिक हस्तक्षेप को प्राथमिकता दी गई।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि वर्तमान सरकार में कानून-व्यवस्था और अवैध निर्माण के मामलों में सख्त रुख अपनाया गया है तथा किसी भी स्तर पर नियमों से समझौता नहीं किया जा रहा है।
इस पर समाजवादी पार्टी की ओर से अब तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, हालांकि पार्टी पहले भी ऐसे आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार देती रही है।
यह मुद्दा ऐसे समय में उठा है जब उत्तर प्रदेश में अवैध निर्माण, ध्वस्तीकरण और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे की नीतियों और निर्णयों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ध्वस्तीकरण और भूमि उपयोग से जुड़े मुद्दे राज्य में लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं और चुनावी माहौल में ऐसे बयान और अधिक तेज हो जाते हैं।


