डेस्क : भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री स्मिता पाटिल की जिंदगी और उनके अचानक निधन की कहानी आज भी फिल्म प्रेमियों को भावुक कर देती है। अपनी दमदार अदाकारी से अलग पहचान बनाने वाली स्मिता पाटिल ने महज 31 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनके निधन से पहले के आखिरी पलों को लेकर कई भावुक बातें सामने आती रही हैं।
साल 1986 में बेटे प्रतीक बब्बर के जन्म के बाद स्मिता पाटिल की तबीयत अचानक खराब होने लगी थी। बताया जाता है कि प्रसव के बाद उन्हें संक्रमण हो गया था, जिसके कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। शुरुआत में बीमारी की गंभीरता का अंदाजा नहीं लग पाया और घर पर ही उनका इलाज चल रहा था।
परिवार के लोगों ने उन्हें अस्पताल जाने की सलाह दी, लेकिन वह अपने नवजात बेटे से दूर नहीं होना चाहती थीं। बेटे के जन्म के बाद वह उसके साथ ज्यादा समय बिताना चाहती थीं। हालांकि, कुछ समय बाद उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 13 दिसंबर 1986 को उनकी तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई। उन्हें खून की उल्टियां होने लगीं और इसके बाद उनके पति अभिनेता राज बब्बर उन्हें मुंबई के जसलोक अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी स्थिति बेहद नाजुक थी और वह कोमा में चली गईं।
बताया जाता है कि अभिनेत्री जया बच्चन ने भी स्मिता पाटिल की गंभीर हालत को देखते हुए उनकी मदद करने की कोशिश की थी और विशेषज्ञ डॉक्टरों से संपर्क करने का प्रयास किया था। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद स्मिता पाटिल को बचाया नहीं जा सका और 13 दिसंबर 1986 की रात उनका निधन हो गया।
स्मिता पाटिल ने अपने छोटे से फिल्मी करियर में ऐसी कई यादगार फिल्में दीं, जिनमें उनके अभिनय की आज भी सराहना की जाती है। समानांतर सिनेमा से लेकर मुख्यधारा की फिल्मों तक उन्होंने अपनी प्रतिभा की अमिट छाप छोड़ी। उनकी असमय मौत भारतीय फिल्म जगत के लिए एक बड़ी क्षति मानी गई।








