ईरान पर अमेरिका की ताजा एयर स्ट्राइक, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा तनाव

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डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमलों की एक नई लहर शुरू की है। कमांड के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना है, जिसके जरिए वह क्षेत्रीय जलक्षेत्र में नागरिक नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर बुधवार शाम 5:30 बजे ईस्टर्न टाइम से ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर नए हमले शुरू किए गए। कमांड ने कहा कि अभियान का उद्देश्य ईरान की समुद्री गतिविधियों को प्रभावित करने की क्षमता को और कमजोर करना है।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्जिया में ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को ‘झड़प’ करार दिया। उन्होंने कहा कि ईरान को भारी नुकसान हो रहा है और वह समझौता करना चाहता है। ट्रंप ने हालांकि यह भी कहा कि तेहरान अभी किसी समझौते के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि वह हर बार समझौते की शर्तों में बदलाव की कोशिश करता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान जल्द ही बातचीत के लिए तैयार हो जाएगा।

दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका की ओर से संभावित हमलों की चेतावनी के बीच कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई, विशेष रूप से देश के बुनियादी ढांचे पर हमला, का निर्णायक जवाब दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई में सहयोग करने वाले पक्षों को भी वैध लक्ष्य माना जाएगा।

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ और ईरान के खात्म अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स ने भी अमेरिका को इसी तरह की चेतावनी दी है। इस बीच ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिकी सीनेट की एक समिति की सुनवाई का हवाला देते हुए अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि युद्ध के मानवीय पहलुओं और कथित युद्ध अपराधों पर पर्याप्त चर्चा नहीं की गई।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी बढ़ा विवाद

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का एक प्रमुख केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य भी बना हुआ है। CENTCOM ने ईरान के उस दावे को खारिज किया कि जलडमरूमध्य पर उसका पूरी तरह नियंत्रण है। अमेरिकी कमांड ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग जहाजों के आवागमन के लिए खुला है और अमेरिकी सैन्य समर्थन के साथ वाणिज्यिक जहाज लगातार यहां से गुजर रहे हैं। CENTCOM के अनुसार, मई की शुरुआत से अमेरिकी सेना 900 से अधिक जहाजों को इस जलडमरूमध्य से गुजरने में मदद कर चुकी है।

वहीं, ईरानी सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, खात्म अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है और किसी भी जहाज को केवल निर्धारित मार्ग और पहले से घोषित व्यवस्थाओं के तहत ही गुजरने की अनुमति होगी।

ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने उसके नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया तो वह तेल निर्यात को पूरी तरह रोकने की दिशा में कदम उठा सकता है। ईरानी पक्ष ने क्षेत्र के तेल, गैस, बिजली और आर्थिक बुनियादी ढांचे को भी संभावित लक्ष्य बताए हैं। इससे क्षेत्रीय संघर्ष के और व्यापक होने की आशंका बढ़ गई है।