डेस्क : थाईलैंड के नॉनथाबुरी प्रांत स्थित देब्सिरिन नॉनथाबुरी स्कूल में शुक्रवार को हुई गोलीबारी ने पूरे इलाके को दहला दिया। हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है, जबकि 22 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में पांच शिक्षक, संदिग्ध किशोर हमलावर और उसके दादा-दादी शामिल हैं। घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है।
कक्षा 8 का छात्र था संदिग्ध हमलावर
बैंकॉक पोस्ट के अनुसार, हमले का संदिग्ध 8वीं कक्षा का छात्र था। गोलीबारी के बाद वह स्कूल परिसर में ही मृत पाया गया। पुलिस के मुताबिक, उसने स्कूल में 9 एमएम की पिस्तौल के साथ प्रवेश किया था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह हथियार उसके 73 वर्षीय दादा का था। घटनास्थल से पुलिस ने पिस्तौल के साथ अतिरिक्त कारतूस भी बरामद किए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, किशोर ने स्कूल की एक इमारत में खुद को अंदर से बंद कर लिया था। बाद में वह गोली लगने से मृत मिला। पुलिस इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला मान रही है।
घर में मिले दादा-दादी के शव
स्कूल में घटना के बाद पुलिस ने किशोर के बैंक बुआ थोंग जिले स्थित घर की तलाशी ली। वहां उसके 73 वर्षीय दादा और 74 वर्षीय दादी के शव मिले। दोनों के सिर में गोली लगी थी। पुलिस का मानना है कि स्कूल में गोलीबारी से पहले ही दोनों की हत्या कर दी गई थी, हालांकि घटनाओं का सटीक क्रम अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
थाईलैंड के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री पट्टाना प्रोमफाट ने बताया कि घटना में कुल आठ लोगों की मौत हुई है। घायलों में नौ की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डेस्क के नीचे छिपे छात्र, बंद कर दी थी कक्षा
गोलीबारी के दौरान स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। CNN द्वारा सत्यापित वीडियो में कई छात्र गोलियों की आवाज के बीच कक्षा की डेस्क के नीचे छिपते दिखाई दिए। कुछ अन्य वीडियो में स्कूल स्टाफ छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालता नजर आया।
एक छात्र ने CNN को बताया कि गोली चलने की आवाज सुनते ही सहपाठियों ने कक्षा का दरवाजा डेस्क और कुर्सियों से अंदर से बंद कर दिया। इसके बाद लाइट बंद कर सभी छात्र मदद का इंतजार करते रहे।
हमलावर के पास बचे थे 30 से अधिक कारतूस
थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। उनके अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि संदिग्ध के पास 30 से अधिक कारतूस अभी भी बचे हुए थे।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार किशोर पढ़ाई से जुड़े तनाव से गुजर रहा था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक गोलीबारी के पीछे किसी स्पष्ट मकसद की पुष्टि नहीं की है।
हथियार तक पहुंच की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच कर रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि किशोर को अपने दादा की पिस्तौल तक पहुंच कैसे मिली।
यह घटना हाल के वर्षों में थाईलैंड में हुई सबसे घातक स्कूल गोलीबारी की घटनाओं में शामिल है। इससे पहले भी 2022 और इसी वर्ष शिक्षण संस्थानों में घातक हमलों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।








