डेस्क : कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार हो गया है। मंत्रिमंडल में 20 नए मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिसके बाद राज्य सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। नए मंत्रियों को राज्यपाल ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
कैबिनेट विस्तार को लेकर कांग्रेस के भीतर कई दौर की चर्चाओं के बाद नामों पर अंतिम सहमति बनी। दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक के बाद मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, रणदीप सिंह सुरजेवाला और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल रहे।
इन नेताओं को मिली जगह
नए मंत्रियों में पीएम नरेंद्र स्वामी, शिवराज तंगडागी, रुद्रप्पा लमानी, केएस बसवनथप्पा, बी नागेंद्र, टी रघुमूर्ति, बीजेड जमीर अहमद खान, रिजवान अरशद, संतोष लाड, मधु बंगारप्पा, पुत्तरंगाशेट्टी, मानकला वैद्य, डॉ. अजय सिंह, एन चालुवरायस्वामी, केएम शिवलिंगे गौड़ा, एचसी बालकृष्ण, गायत्री शांतेगौड़ा, बसवराज रायारेड्डी, विजयानंद और लक्ष्मण सावदी शामिल हैं।
सामाजिक समीकरण साधने पर जोर
कैबिनेट विस्तार में कांग्रेस ने राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। लिंगायत, वोक्कालिगा और पिछड़े वर्गों समेत विभिन्न समुदायों के नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। माना जा रहा है कि कांग्रेस ने आगामी राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधने की रणनीति अपनाई है।
विधानसभा और विधान परिषद में भी बदलाव
कैबिनेट विस्तार के साथ कर्नाटक के विधायी सदनों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। जीएस पाटिल को विधानसभा अध्यक्ष और एएस पोन्नन्ना को उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं विधान परिषद के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सलीम अहमद को और उपाध्यक्ष का पद उमाश्री को दिया गया है।
कैबिनेट विस्तार को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। लंबे समय से मंत्रिमंडल में जगह की प्रतीक्षा कर रहे नेताओं को शामिल करने के साथ कांग्रेस ने सरकार में प्रतिनिधित्व को व्यापक बनाने की कोशिश की है। अब नए मंत्रियों के विभागों के बंटवारे पर भी राजनीतिक नजरें रहेंगी।








