बलूच नेता का दावा- ‘बलूचिस्तान स्वतंत्र है’, पाकिस्तान के खिलाफ दुनिया से मांगी मान्यता

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बलूचिस्तान :  बलूचिस्तान के अलगाववादी नेता मीर यार बलोच ने सोमवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि बलूचिस्तान अब एक स्वतंत्र देश है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ‘बलूचिस्तान गणराज्य’ को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की अपील की है। हालांकि, पाकिस्तान या अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस दावे को मान्यता नहीं दी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बलूचिस्तान अभी भी पाकिस्तान के एक प्रांत के रूप में मान्यता प्राप्त है।

मीर यार बलोच ने सामाजिक माध्यम पर जारी संदेश में दुनिया के देशों से अपील की कि बलूचिस्तान को अब पाकिस्तान का प्रांत कहने के बजाय स्वतंत्र देश के रूप में संबोधित किया जाए। उन्होंने बलूचिस्तान के लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय नैतिक समर्थन जारी रखने की भी अपील की।

पाकिस्तान को बताया ‘कैंसर’

बलूच नेता ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बलूचिस्तान की जमीन से पाकिस्तान को हटाना जरूरी है। बयान में पाकिस्तान की तुलना ‘कैंसर’ से की गई है। हालांकि, ये आरोप बलूच अलगाववादी समूह की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

11 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने का दावा

मीर यार बलोच ने बलूचिस्तान की स्वतंत्रता को 11 अगस्त 1947 की घटनाओं से जोड़ते हुए दावा किया कि ब्रिटिश शासन समाप्त होने के समय बलूचिस्तान ने इसी दिन स्वतंत्रता की घोषणा की थी।

उनके मुताबिक, अब आंदोलन का अगला लक्ष्य केवल स्वतंत्रता की घोषणा करना नहीं, बल्कि दुनिया के देशों से औपचारिक मान्यता हासिल करना है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, आसियान, अफ्रीकी संघ, इस्लामिक सहयोग संगठन और यूरोपीय देशों से बलूचिस्तान को समर्थन देने की अपील की है।

पासपोर्ट और मुद्रा की तैयारी का दावा

बलूच समूह ने अपने बयान में दावा किया है कि स्वतंत्र देश के तौर पर काम करने के लिए कई स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं। इनमें पासपोर्ट, मुद्रा, मीडिया संस्थानों, व्यापार एवं वाणिज्यिक संस्थानों और राजनयिक मिशनों की व्यवस्था शामिल है।

समूह ने यह भी दावा किया कि बलूच राजनीतिक नेतृत्व के विभिन्न धड़ों को एकजुट करने की कोशिश जारी है।

भारतीय मीडिया को भी धन्यवाद

‘बलूचिस्तान गणराज्य की स्वतंत्रता संदेश’ में समूह ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों और विशेष रूप से भारत के मीडिया संस्थानों का धन्यवाद किया। उसने दावा किया कि इन संस्थानों और शोधकर्ताओं ने बलूचिस्तान के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने में भूमिका निभाई है।

पाकिस्तान पर इंटरनेट बंद करने का आरोप

बलूच समूह ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के अधिकारी स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रमों को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय कर रहे हैं। समूह का दावा है कि बलूचिस्तान के कुछ हिस्सों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं।

इसके अलावा कालात, क्वेटा और खुजदार जैसे इलाकों में सैन्य छावनियों और पुलिस थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने का भी दावा किया गया है। समूह ने पाकिस्तानी सैन्य विमानों, ड्रोन और हेलीकॉप्टरों द्वारा निगरानी अभियान चलाए जाने का आरोप भी लगाया। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

अंतरराष्ट्रीय मान्यता सबसे बड़ी चुनौती

बलूचिस्तान की स्वतंत्रता का यह दावा ऐसे समय आया है जब क्षेत्र को लेकर पाकिस्तान के साथ लंबे समय से राजनीतिक और सशस्त्र संघर्ष जारी है। हालांकि, मीर यार बलोच और उनके समर्थकों की ओर से स्वतंत्रता की घोषणा के बावजूद फिलहाल किसी प्रमुख देश या अंतरराष्ट्रीय संगठन ने बलूचिस्तान को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता नहीं दी है।

ऐसे में बलूच समूह के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने स्वतंत्रता के दावे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता दिलाने की है।