स्पोर्ट्स डेस्क : भारत की पुरुष हॉकी टीम को एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के पूल डी मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ निराशा हाथ लगी। सोमवार को खेले गए मुकाबले में भारत इंग्लैंड को हराकर 32 साल बाद वर्ल्ड कप में उसके खिलाफ जीत दर्ज करने का इतिहास रचने से चूक गया। इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा।
भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत वेल्स के खिलाफ 3-1 की जीत से की थी, जबकि इंग्लैंड ने अपने पहले मुकाबले में पाकिस्तान को 4-1 से हराया था। ऐसे में दोनों टीमों के बीच मुकाबला पूल डी में शीर्ष स्थान की दौड़ के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण था।
भारत और इंग्लैंड के बीच वर्ल्ड कप में लंबे समय से कड़ा मुकाबला देखने को मिला है। भारत ने आखिरी बार 1994 में वर्ल्ड कप में इंग्लैंड को हराया था। इसके बाद से भारत को जीत का इंतजार है। इस मुकाबले को भारतीय टीम के लिए 32 साल पुराने इंतजार को खत्म करने के बड़े मौके के तौर पर देखा जा रहा था।
दोनों टीमों के बीच हाल के मुकाबले भी बेहद रोमांचक रहे हैं। पेरिस ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को शिकस्त दी थी। इसके अलावा एफआईएच प्रो लीग में भी दोनों टीमें दो बार आमने-सामने आईं और दोनों मुकाबलों का फैसला शूटआउट में हुआ था। भारत और इंग्लैंड ने एक-एक मुकाबला जीता था।
भारत ने वेल्स के खिलाफ अपने पहले मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-1 से जीत दर्ज की थी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए थे, जबकि संजय ने भी गोल दागा था। भारत के तीनों गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए थे। हालांकि टीम को ओपन प्ले से गोल करने में सुधार की जरूरत बताई गई थी।
इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले से पहले भारतीय टीम के सामने इतिहास बदलने का मौका था, लेकिन वह 32 साल पुराना इंतजार खत्म नहीं कर सकी। इंग्लैंड की लगातार जीत ने भारत की वर्ल्ड कप में उसके खिलाफ जीत की तलाश को और लंबा कर दिया।








