डेस्क : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता पद समेत पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने के बाद शहजाद पूनावाला एक बार फिर चर्चा में हैं। आर्थिक और व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर भाजपा छोड़ने वाले पूनावाला ने कांग्रेस में वापसी के सवाल पर ऐसा जवाब दिया है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
एक इंटरव्यू में कांग्रेस में शामिल होने की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में पूनावाला ने कहा कि वह कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं, लेकिन इसके लिए उनकी कुछ शर्तें हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पार्टी से हटाया जाए, सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा को भी हटाया जाए तथा नेहरू के कार्यों के लिए माफी मांगी जाए।
पैसे और निजी परिस्थितियों का दिया हवाला
भाजपा छोड़ने के फैसले को लेकर पूनावाला ने आर्थिक परेशानियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल अपने कार्यकर्ताओं को वेतन नहीं देते और उन्हें अपने घर का किराया भी देना होता है। उनके मुताबिक, राजनीति में काम करना नौकरी नहीं है और कार्यकर्ता विचारधारा, व्यक्ति या संगठन के प्रति विश्वास के कारण जुड़ते हैं।
पूनावाला ने यह भी बताया कि भाजपा छोड़ने का विचार उनके मन में अचानक नहीं आया था। वह 2024 से इस पर विचार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने के बारे में सोचने के दौरान कई नेताओं ने उनसे संपर्क भी किया था।
भाजपा छोड़कर भी मोदी के साथ रहने की बात
भाजपा से इस्तीफा देने के बावजूद पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की विचारधारा के प्रति अपना समर्थन जारी रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भाजपा देश की सबसे अच्छी पार्टी है और वह वैचारिक रूप से प्रधानमंत्री मोदी के साथ बने रहेंगे।
अपने इस्तीफे में भी पूनावाला ने कहा था कि अत्यावश्यक आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण वह निजी क्षेत्र में जाने का फैसला कर रहे हैं। हालांकि, जहां भी संभव होगा, वह प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के दृष्टिकोण एवं कार्यों का समर्थन करते रहेंगे।
कांग्रेस से भाजपा तक का सफर
शहजाद पूनावाला ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। 2017 में उन्होंने कांग्रेस के भीतर राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और 2018 में भाजपा में शामिल हो गए। बाद में वह भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं में शामिल हुए और टेलीविजन बहसों में पार्टी का प्रमुख चेहरा बने।
फिलहाल पूनावाला ने कांग्रेस में वापसी की कोई वास्तविक घोषणा नहीं की है। उनके बयान को राजनीतिक टिप्पणी और शर्त के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि उन्होंने अपने अगले कदम के रूप में निजी क्षेत्र में जाने की बात कही है।








