जयपुर : राजस्थान में आगामी शहरी निकाय और पंचायतीराज चुनावों को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी में टिकट वितरण को लेकर बड़ा बयान दिया है। गहलोत ने साफ कहा कि टिकट किसी की सिफारिश के आधार पर नहीं, बल्कि जमीनी स्थिति और उम्मीदवार की जीतने की क्षमता को देखकर दिया जाना चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर वह खुद भी किसी उम्मीदवार की सिफारिश करें तो पार्टी को उसे टिकट नहीं देना चाहिए।
कांग्रेस के वॉर रूम में चुनावी तैयारियों को लेकर हुई बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में गहलोत ने पार्टी को युवा चेहरों को अधिक मौका देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि 50 फीसदी से ज्यादा टिकट जेन-जी के युवाओं को दिए जाने चाहिए। उनके मुताबिक, नई पीढ़ी राजनीति में बदलाव की प्रतीक है और कांग्रेस को बदलते राजनीतिक माहौल के साथ आगे बढ़ना होगा।
‘सिफारिश के आधार पर टिकट मिला तो हार सकते हैं’
गहलोत ने टिकट वितरण की पुरानी परंपरा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उम्मीदवार का चयन स्थानीय स्तर की वास्तविक स्थिति को देखकर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सिफारिश के आधार पर टिकट दिया गया तो पार्टी चुनाव हार सकती है।
उन्होंने सुझाव दिया कि चुनावी मैदान में भेजे जाने वाले पर्यवेक्षकों को प्रदेश कांग्रेस कमेटी पर्याप्त अधिकार दे, ताकि वे स्थानीय स्तर पर उम्मीदवार की स्थिति, संगठन में उसकी पकड़ और चुनाव जीतने की क्षमता का आकलन कर सकें।
‘मैं भी सिफारिश करूं तो टिकट मत देना’
गहलोत ने अपने लिए भी कोई अपवाद नहीं रखा। उन्होंने कहा कि जयपुर, भरतपुर और बीकानेर समेत कई इलाकों से लोग उनके पास टिकट की सिफारिश लेकर आते हैं। लेकिन पार्टी को उनकी सिफारिश को भी टिकट देने का आधार नहीं बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री होने के कारण यदि वह किसी उम्मीदवार की सिफारिश करेंगे तो पार्टी टिकट दे सकती है, लेकिन हर क्षेत्र की जमीनी हकीकत की पूरी जानकारी उनके पास भी नहीं हो सकती। इसलिए उम्मीदवार का चयन स्थानीय समीकरण और उसकी जीत की संभावना के आधार पर होना चाहिए।
गहलोत ने युवाओं को लेकर दिया बड़ा संदेश
गहलोत ने कहा कि देश की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने हाल के युवा आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि नई पीढ़ी की राजनीतिक सक्रियता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसे में कांग्रेस को युवाओं को आगे लाकर उन्हें राजनीति में भूमिका देने की जरूरत है।
गहलोत के इस बयान को राजस्थान कांग्रेस की आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ पार्टी अनुभवी नेताओं के संगठनात्मक अनुभव पर निर्भर है, वहीं दूसरी ओर युवाओं को बड़ी संख्या में टिकट देकर नई पीढ़ी को जोड़ने की चुनौती भी उसके सामने है। गहलोत की 50 फीसदी से अधिक टिकट जेन-जी को देने की पैरवी पार्टी के टिकट वितरण में बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है।








