मुंबई: किशोर कुमार सिर्फ अपनी आवाज के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अनोखे अंदाज और मस्तमौला व्यक्तित्व के लिए भी जाने जाते थे। उनके जीवन से जुड़े कई किस्से आज भी लोगों को हैरान करते हैं। ऐसा ही एक किस्सा मशहूर गीतकार समीर ने साझा किया था, जब किशोर कुमार एक गाने की रिकॉर्डिंग के लिए स्टूडियो पहुंचे तो उनका अंदाज देखकर वहां मौजूद लोग चौंक गए।
दरअसल, समीर अपने पिता और गीतकार अनजान के साथ एक रिकॉर्डिंग स्टूडियो पहुंचे थे। वहां अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘डॉन’ के मशहूर गीत ‘खइके पान बनारस वाला’ की रिकॉर्डिंग हो रही थी। इसी दौरान किशोर कुमार स्टूडियो पहुंचे।
किशोर कुमार उस दिन लुंगी पहने हुए थे। उनके पैरों में भी एक जैसी चप्पल नहीं थी। एक पैर में उन्होंने अपनी चप्पल पहनी थी, जबकि दूसरे पैर में पत्नी की चप्पल थी। इतना ही नहीं, उनकी आंखों में काजल भी लगा हुआ था। समीर ने बताया था कि किशोर कुमार को इस अंदाज में देखकर वह काफी हैरान हुए थे।
‘भंग का रंग जमा’ सुनकर पहले गाने से किया इनकार
रिकॉर्डिंग के दौरान जब किशोर कुमार के सामने गाने के बोल रखे गए तो वह एक लाइन को लेकर चौंक गए। उन्हें ‘भंग का रंग जमा’ वाली पंक्ति कुछ अलग लगी और उन्होंने शुरुआत में गाना गाने से इनकार कर दिया।
हालांकि, काफी समझाने के बाद किशोर कुमार गाना रिकॉर्ड करने के लिए तैयार हो गए। लेकिन उन्होंने इसके साथ अपनी एक शर्त भी रख दी। उन्होंने कहा कि वह गाना सिर्फ एक बार में रिकॉर्ड करेंगे, इसलिए सभी लोग पूरी तरह तैयार रहें।
इसके बाद जो हुआ, वह किशोर कुमार की प्रतिभा का एक और उदाहरण बन गया। उन्होंने पूरा गाना एक ही टेक में रिकॉर्ड कर दिया।
गायक के साथ अभिनेता और फिल्मकार भी थे
किशोर कुमार की पहचान सिर्फ एक महान पार्श्वगायक के तौर पर नहीं थी। वह अभिनेता, संगीतकार, निर्माता और निर्देशक भी थे। ‘पड़ोसन’, ‘चलती का नाम गाड़ी’ और ‘हाफ टिकट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है।
उनकी आवाज में ‘मेरे सपनों की रानी’, ‘ओ मेरे दिल के चैन’, ‘पल पल दिल के पास’, ‘आने वाला पल जाने वाला है’, ‘हमें तुमसे प्यार कितना’ और ‘नीले नीले अंबर पर’ जैसे कई सदाबहार गीत दर्ज हैं। उन्हें सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक के लिए आठ फिल्मफेयर पुरस्कार मिले थे।
किशोर कुमार का निधन 13 अक्टूबर 1987 को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से हुआ था, लेकिन उनकी आवाज और उनसे जुड़े किस्से आज भी संगीत प्रेमियों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं।








