दक्षिण की सियासत एक मंच पर, अमित शाह की बैठक में विजय-शिवकुमार-नायडू

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डेस्क : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गुरुवार को तमिलनाडु में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक हुई। चेन्नई के निकट आयोजित इस बैठक में दक्षिण भारत के कई प्रमुख राजनीतिक चेहरे एक मंच पर नजर आए। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की मौजूदगी ने बैठक को खास बना दिया।

बैठक में दक्षिणी राज्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय तथा आपसी सहयोग को लेकर चर्चा हुई। दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद केंद्र और राज्यों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण मंच है, जहां राज्यों के साझा हितों और अंतरराज्यीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाता है।

बैठक से पहले विजय से मिले अमित शाह

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक से पहले अमित शाह ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात की। मुख्यमंत्री बनने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात रही। इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विजय की मौजूदगी इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि तमिलनाडु की राजनीति में उनकी पार्टी तेजी से अपनी जगह बना रही है। वहीं, कर्नाटक के डीके शिवकुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की मौजूदगी ने दक्षिण भारत की राजनीति से जुड़े कई समीकरणों को एक ही मंच पर ला दिया।

कावेरी समेत अंतरराज्यीय मुद्दे अहम

बैठक में दक्षिणी राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे अंतरराज्यीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इनमें कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी जल विवाद प्रमुख मुद्दों में शामिल है। हाल के दिनों में इस मुद्दे को लेकर दोनों राज्यों के नेताओं के बीच बयानबाजी भी हुई है।

क्षेत्रीय परिषद का उद्देश्य ऐसे मुद्दों को बातचीत और समन्वय के जरिए सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ना है। केंद्र सरकार भी राज्यों के बीच बेहतर तालमेल को क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण मानती रही है।

दक्षिणी राज्यों के बीच समन्वय पर जोर

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना के साथ पुडुचेरी, लक्षद्वीप तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह भी शामिल हैं। परिषद के माध्यम से राज्यों के बीच सीमा, परिवहन, जल, आर्थिक विकास और अन्य साझा विषयों पर चर्चा की जाती है।

अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्र और दक्षिणी राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर रहा।

राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे

बैठक में एक साथ नजर आए विजय, डीके शिवकुमार और चंद्रबाबू नायडू को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा रही। तमिलनाडु में विजय की सक्रिय राजनीति, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और आंध्र प्रदेश में एनडीए सरकार—इन तीनों राज्यों की अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियां हैं।

ऐसे में अमित शाह की मौजूदगी में दक्षिण के प्रमुख नेताओं का एक मंच पर आना केवल प्रशासनिक बैठक तक सीमित नहीं माना जा रहा। इसे दक्षिण भारत में केंद्र और राज्यों के बीच राजनीतिक तथा प्रशासनिक संवाद के लिहाज से भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।