डेस्क : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान को शुक्रवार को चिकित्सकीय जांच के बाद इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल से रावलपिंडी की अदियाला जेल वापस भेज दिया गया। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच की गई।
इमरान खान को पित्रास बुखारी रोड के रास्ते अस्पताल लाया गया था। उनके पहुंचने से पहले अस्पताल परिसर के आसपास सुरक्षा का घेरा कड़ा कर दिया गया था। पित्रास बुखारी रोड और सर्विस रोड साउथ को गुरुवार रात से ही आम यातायात के लिए बंद कर दिया गया था।
सुरक्षा व्यवस्था में इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी पुलिस, प्रशासन और रेंजर्स के 800 से अधिक जवानों को तैनात किया गया था। राजधानी पुलिस और जेल प्रशासन की संयुक्त टीमों ने इमरान खान के अस्पताल पहुंचने और वापसी की पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा इंतजाम इतने व्यापक थे कि उनकी तुलना पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से जुड़े पनामा मामले की सुनवाई के दौरान फेडरल ज्यूडिशियल अकादमी में किए गए सुरक्षा प्रबंधों से की गई।
सुप्रीम कोर्ट ने इसी सप्ताह संघीय सरकार को निर्देश दिया था कि इमरान खान को दो दिनों के भीतर एक निजी अस्पताल में ले जाकर उनकी विस्तृत स्वास्थ्य जांच कराई जाए। जेल में बंद इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताई गई थी। हाल की जेल मेडिकल रिपोर्टों में उनके रक्तचाप में उतार-चढ़ाव और इससे जुड़े लक्षणों का उल्लेख किया गया था।
इमरान खान वर्ष 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें तोशाखाना मामले में 14 वर्ष की सजा सुनाई गई है। अदालत के निर्देश के तहत शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में उनकी निर्धारित चिकित्सकीय जांच और प्रारंभिक परीक्षण किए गए। जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों ने उन्हें तड़के कड़ी सुरक्षा के बीच सीधे अदियाला जेल पहुंचा दिया।








