चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार सख्त, एथनॉल नहीं ये हैं महंगाई के असली कारण

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डेस्क : त्योहारी सीजन से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। खुदरा बाजार में चीनी का भाव करीब 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा महंगाई के लिए एथनॉल उत्पादन को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। सरकार के मुताबिक चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे कम घरेलू उत्पादन, बढ़ती मांग, मौसम से फसल को हुआ नुकसान और वैश्विक स्तर पर आपूर्ति में कमी जैसी कई वजहें हैं।

एथनॉल उत्पादन को लेकर सरकार की सफाई

सरकार ने कहा कि एथनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाली चीनी का हिस्सा लगातार घटा है। 2022-23 में यह करीब 12 प्रतिशत था, जो 2025-26 में घटकर लगभग 9 प्रतिशत रह गया। वहीं, देश में बनने वाले कुल एथनॉल का करीब तीन-चौथाई हिस्सा अब अनाज, विशेषकर मक्के से तैयार किया जा रहा है।

सरकार का कहना है कि एथनॉल कार्यक्रम ने चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद की है। इससे गन्ना किसानों को भुगतान करने में भी मदद मिली है। 20 अगस्त 2026 तक 2025-26 सीजन के लिए गन्ना किसानों के करीब 97 प्रतिशत बकाये का भुगतान किया जा चुका है।

कम उत्पादन और बढ़ी मांग ने बढ़ाया दबाव

सरकार के अनुसार मौजूदा सीजन में देश में करीब 306 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है, जबकि गन्ना उत्पादक राज्यों का शुरुआती अनुमान करीब 343 लाख टन था। गन्ने की फसल में रेड रॉट और टॉप बोरर जैसी बीमारियों के अलावा ज्यादा बारिश और जलभराव से भी उत्पादन प्रभावित हुआ है।

दूसरी ओर, त्योहारी सीजन से पहले चीनी की मांग बढ़ने से बाजार पर दबाव बढ़ा है। सरकार ने यह भी कहा कि कुछ हिस्सों में जमाखोरी और सट्टेबाजी ने कीमतों में तेजी को बढ़ावा दिया है।

दुनिया में भी चीनी की कीमतें बढ़ीं

चीनी की महंगाई केवल भारत तक सीमित नहीं है। सरकार के अनुसार 2026-27 में वैश्विक स्तर पर करीब 33 लाख टन चीनी की कमी का अनुमान है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमत 30 जून को 474 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 20 अगस्त को 552 डॉलर प्रति टन हो गई। यानी इस अवधि में कीमतों में 16 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।

हालांकि सरकार का कहना है कि उत्पादन अनुमान से कम रहने के बावजूद अक्टूबर में नया पेराई सीजन शुरू होने तक घरेलू मांग पूरी करने के लिए देश में पर्याप्त चीनी का स्टॉक उपलब्ध है।