डेस्क : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि अमेरिका का इस रणनीतिक जलमार्ग पर “पूरा नियंत्रण” है और उन्होंने इसे फिलहाल “अमेरिकी क्षेत्र” तक बता दिया। ट्रंप के इस बयान से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ने के संकेत मिले हैं।
दक्षिण कैरोलिना के मर्टल बीच में एक रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा, “हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते। अगर ऐसा हुआ तो बहुत बुरा परिणाम देखने को मिलेगा।”
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दिया है और वह भविष्य में भी ऐसा नहीं होने देगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका फिलहाल किसी समझौते के लिए तैयार है या नहीं।
ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर कहा, “मैं इसे अभी अमेरिकी क्षेत्र के रूप में देखता हूं।” इससे पहले ज्वाइंट बेस एंड्रयूज से रवाना होने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में भी उन्होंने कहा था कि अमेरिका का इस पूरे क्षेत्र पर “पूरा नियंत्रण” है।
उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े क्षेत्र में जारी नाकाबंदी के बीच अमेरिका की स्थिति मजबूत है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान समझौता चाहता है, लेकिन अभी वह उस समझौते के लिए तैयार नहीं है, जिसे अमेरिका “सही समझौता” मानता है।
ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की एक एआई-जनरेटेड तस्वीर भी साझा की थी, जिसमें इस जलमार्ग को “न्यू यूएस टेरिटरी” बताया गया था।
ईरान ने दावे को खारिज किया
ट्रंप के दावों पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ट्रंप की “गलतफहमी” या तो परिस्थितियों से दूर होगी या फिर ईरान उसे दूर करेगा।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहसेन रेज़ाई ने भी ट्रंप के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने में अमेरिका की असमर्थता और उस पर मालिकाना हक जताने के दावे के बीच बड़ा अंतर है।
इस बीच, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़ेर ग़ालिबाफ ने कहा है कि अमेरिका की ओर से किए गए 14 सूत्रीय समझौते के तहत प्रतिबद्धताएं पूरी होने तक ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोलेगा। इनमें नाकाबंदी हटाना, ईरान की जमी हुई संपत्तियां जारी करना और तेल प्रतिबंधों में राहत जैसे मुद्दे शामिल हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है। यहां बढ़ता तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजारों पर भी असर डाल सकता है।








