निदान स्वास्थ्य सेवा की पहली सुरक्षा पंक्ति, एआई से बदल रहा चिकित्सा क्षेत्र : राजनाथ सिंह

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डेस्क : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को नोएडा में महाजन इमेजिंग एंड लैब्स के इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सटीक निदान स्वास्थ्य सेवा की पहली सुरक्षा पंक्ति है और बदलती जीवनशैली के बीच समय पर तथा सही जांच का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

राजनाथ सिंह ने महाजन इमेजिंग की टीम को नए केंद्र की शुरुआत पर बधाई देते हुए कहा कि महाजन परिवार ने भारत में डायग्नोस्टिक क्षेत्र को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि जब देश में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी तकनीकें शुरुआती दौर में थीं, तब महाजन इमेजिंग ने इन्हें निजी क्षेत्र में अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। आज यह संस्थान भरोसे की विरासत बन चुका है।

इंटरनेट से बीमारी का अनुमान चिंता का विषय

रक्षा मंत्री ने कहा कि आज लोग इंटरनेट और चैटजीपीटी के माध्यम से अपने लक्षणों के आधार पर बीमारी का अनुमान लगाने लगे हैं। कई बार सामान्य लक्षणों को भी इंटरनेट गंभीर बीमारी के संकेत के रूप में प्रस्तुत कर देता है। ऐसे समय में विश्वसनीय डायग्नोस्टिक सेंटर की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है।

उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में तकनीक के साथ मानवीय संवेदनशीलता को भी जरूरी बताया। सिंह ने कहा कि एमआरआई शरीर के भीतर की कई चीजों की जानकारी दे सकता है, लेकिन मरीज के मन में क्या चल रहा है, यह मशीन नहीं बता सकती। इसे समझने के लिए डॉक्टर की संवेदनशीलता जरूरी है। इसलिए चिकित्सा क्षेत्र में तकनीक और संवेदना दोनों का संतुलन आवश्यक है।

एआई से बदल रहा डायग्नोस्टिक क्षेत्र

राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को नई तकनीक से जोड़ना समय की जरूरत है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के दौर में डायग्नोस्टिक्स भी बदलाव के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों की चिकित्सा सेवाओं में भी तकनीक के इस्तेमाल के जरिए क्लिनिकल क्षमता को मजबूत किया जा रहा है।

रेडियोलॉजी के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 1895 में जर्मनी में एक्स-रे की खोज के बाद चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी बदलाव की शुरुआत हुई और आगे चलकर सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई जैसी तकनीकें विकसित हुईं। उन्होंने रेडियोलॉजी और रक्षा क्षेत्र के संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि अल्ट्रासोनिक तकनीक का शुरुआती इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना ने सोनार के लिए किया था।

भारत के पास नेतृत्व करने का अवसर

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत के पास स्वास्थ्य क्षेत्र में दुनिया का अनुसरण करने के बजाय नेतृत्व करने का अवसर है। सरकार ने देश की बड़ी आबादी तक आधुनिक और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के प्रयास किए हैं। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में शामिल है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सुधारों का भी उल्लेख किया और कहा कि केंद्र तथा राज्य सरकार के प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत हुई है।

भविष्य में अस्पतालों पर बढ़ेगा दबाव

राजनाथ सिंह ने निवारक स्वास्थ्य सेवा को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए कहा कि बीमारियों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पहले जहां हैजा जैसी संक्रामक बीमारियां बड़ी चुनौती थीं, वहीं आज मधुमेह जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां आम होती जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों में इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है और वर्ष 2050 तक देश की आबादी के बड़े हिस्से के बुजुर्ग होने की संभावना है। ऐसे में यदि अभी से निवारक स्वास्थ्य मॉडल नहीं अपनाया गया तो आने वाले समय में अस्पतालों पर दबाव और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है, बल्कि समाज के सभी वर्गों को मिलकर इस दिशा में काम करना होगा।