डेस्क : इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक के एक फलस्तीनी गांव में इजरायली सेटलर्स द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने वाले लोगों की हिंसक गतिविधियां इजरायल के हितों को नुकसान पहुंचा रही हैं और देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को प्रभावित कर रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी वेस्ट बैंक के कुसरा गांव में दर्जनों इजरायली सेटलर्स ने फलस्तीनी निवासियों पर हमला किया। घटना के दौरान पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की सूचना है। कुछ हमलावर कथित तौर पर एक फलस्तीनी परिवार के घर में घुस गए और खुद को अंदर बंद कर लिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इजरायली सेना और सीमा पुलिस को मौके पर भेजा गया।
नेतन्याहू ने कुसरा के साथ-साथ पड़ोसी जलूद गांव में हुई हिंसा की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि कुछ मुट्ठीभर उपद्रवियों की कार्रवाई को पूरे इजरायली समुदाय के व्यवहार के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि हिंसा और कानून का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
जलूद में हिंसा के दौरान एक अमेरिकी समाचार चैनल की पत्रकार टीम पर भी हमला किए जाने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश हमलावरों ने पत्रकारों पर डंडों और पत्थरों से हमला किया, जिसमें एक पत्रकार घायल हो गया।
इजरायली सेना ने कहा कि सुरक्षा बलों ने दोनों गांवों में स्थिति को नियंत्रित करने और आगे की हिंसा रोकने के लिए कार्रवाई की। घटनाओं की जांच शुरू कर दी गई है और संदिग्ध लोगों की पहचान की जा रही है।
वेस्ट बैंक में इजरायली सेटलर्स और फलस्तीनी निवासियों के बीच हिंसा लंबे समय से तनाव का बड़ा कारण रही है। हाल के समय में ऐसी घटनाओं में बढ़ोतरी ने क्षेत्र में तनाव को और गहरा कर दिया है।








