जयपुर, 10 सितम्बर 2026। मालवीय नगर स्थित अणुविभा केन्द्र के महाप्रज्ञ सभागार में गुरुवार को पर्युषण महापर्व के तीसरे दिन ‘सामायिक दिवस’ श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं ने सामायिक की साधना कर समता और आत्मशुद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
सामायिक साधकों को संबोधित करते हुए मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ‘तरुण’ ने कहा कि सामायिक समभाव की साधना है। सामायिक के दौरान साधक पापकारी प्रवृत्तियों से मुक्त होने का अभ्यास करता है। वास्तव में सामायिक पाप-मुक्ति और आत्मशुद्धि का आध्यात्मिक प्रयोग है।
उन्होंने कहा, “भगवान महावीर ने समता को धर्म बताया है। धर्म क्रिया वही है, जिससे जीवन में समत्व भाव बढ़े और ममत्व भाव घटे। जीवन रूपांतरण की प्रक्रिया का नाम ही धर्म है।”
मुनिश्री ने प्रेरणा दी कि सामायिक केवल निश्चित समय तक की जाने वाली साधना बनकर न रह जाए, बल्कि उसका प्रभाव हमारे दैनिक जीवन में भी दिखाई दे। सामायिक के बाद हमारा आचार, विचार और व्यवहार समता से भावित होना चाहिए।
इस अवसर पर मुनिश्री संभव कुमार जी ने कहा कि सुख, शांति और समाधि की प्राप्ति समतापूर्ण व्यवहार से ही संभव है। समता घर, परिवार और समाज के वातावरण को शुद्ध बनाती है। सामायिक का साधक असद् प्रवृत्तियों से दूर होकर उदात्त भावों से परिपूर्ण होता है। वह काम, क्रोध, ईर्ष्या, मद और लोभ जैसी वृत्तियों से विरत होकर क्षमा, विनम्रता और संतोष जैसे सद्गुणों को धारण करता है। इस दौरान मुनिश्री संभव कुमार जी ने एक सुंदर आध्यात्मिक गीत की प्रस्तुति भी दी।
कार्यक्रम में मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ‘तरुण’ ने तेरापंथ धर्मसंघ की मर्यादाओं का वाचन करते हुए बताया कि आचार्य भिक्षु ने संघ की एकता, अखंडता, सुव्यवस्था और अनुशासन को बनाए रखने के लिए अनेक मर्यादाओं का निर्माण किया।
इस अवसर पर श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा के सहमंत्री श्री सुरेश कुमार जी बरड़िया ने ‘श्रावक निष्ठा पत्र’ का वाचन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ तेरापंथ महिला मंडल शहर की बहनों द्वारा सामायिक दिवस के उपलक्ष्य में प्रस्तुत मंगल गीत से हुआ।
आध्यात्मिक वातावरण के बीच अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने उपवास, बेले और तेले तप का संकल्प भी ग्रहण किया।
पर्युषण महापर्व का चौथा दिन शुक्रवार को ‘वाणी संयम दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें वाणी की शुद्धता, संयम और विवेकपूर्ण अभिव्यक्ति का संदेश दिया जाएगा।








