मक्का ड्रोन घटना पर पाकिस्तान सख्त, ख्वाजा आसिफ बोले- पवित्र स्थलों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी

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डेस्क : सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का के पास कथित हूती ड्रोन को रोके जाने के बाद पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का समझौते के पालन को लेकर किसी तरह की कोई अस्पष्टता नहीं है। पाकिस्तान इस समझौते से बंधा हुआ है और जरूरत पड़ने पर अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।

जियो न्यूज के अनुसार, ख्वाजा आसिफ ने कहा कि मक्का समझौता पाकिस्तान पर लागू होता है और देश अपनी जिम्मेदारी पूरी करेगा। हालांकि उन्होंने पाकिस्तान की संभावित सैन्य रणनीति या किसी कार्रवाई से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि मुस्लिमों के पवित्र स्थलों की सुरक्षा के प्रति पाकिस्तान की जिम्मेदारी केवल किसी समझौते तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि मक्का पर हमला होता है तो उसकी सुरक्षा के लिए किसी समझौते की आवश्यकता नहीं है।

यह बयान सऊदी अधिकारियों द्वारा मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को मार गिराए जाने की जानकारी दिए जाने के बाद आया। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के मुताबिक, ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही नष्ट कर दिया गया। गठबंधन ने इसे मक्का को निशाना बनाने की कथित दूसरी कोशिश बताया है। हालांकि हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि हूती अभियान सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों और सैन्य ठिकानों तक सीमित हैं तथा इस्लामी पवित्र स्थलों को निशाना नहीं बनाया गया।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सऊदी अरब के प्रति समर्थन दोहराते हुए कहा कि पाकिस्तान इस मुश्किल समय में रियाद के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कथित ड्रोन हमले की निंदा की और क्षेत्र के सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की।

ख्वाजा आसिफ ने बताया कि मक्का समझौते में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच सामूहिक रक्षा का प्रावधान है। समझौते के तहत किसी भी सदस्य देश की क्षेत्रीय अखंडता या सीमाओं के उल्लंघन की स्थिति में सामूहिक सुरक्षा प्रतिक्रिया का प्रावधान किया गया है।

इस बीच, ख्वाजा आसिफ ने ईरान को लेकर भी पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने सऊदी अरब का संदेश ईरान तक पहुंचाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान एक देश के रूप में क्षेत्र में कोई नया मोर्चा नहीं खोलेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संघर्ष को और फैलने से रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखेगा।

आसिफ ने होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब-अल-मंदब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में पैदा हो रहे व्यवधान पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन मार्गों में तनाव का असर क्षेत्रीय व्यापार के साथ-साथ पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इस्लामी पवित्र स्थलों के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामकता की निंदा की। साथ ही उन्होंने कथित ड्रोन घटना से संबंधित अपुष्ट दावों को लेकर सावधानी बरतने की अपील की।