डेस्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है, लेकिन फिलहाल इसके लिए तैयार नहीं है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका केवल ऐसे समझौते को स्वीकार करेगा, जो उसकी अपेक्षाओं के अनुरूप हो। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ट्रंप के खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के देशों के नेताओं और विदेश मंत्रियों से मुलाकात करने की संभावना है।
एबीसी 11 से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन मेरी राय में वह अभी तैयार नहीं है। हम या तो अच्छी डील करेंगे या फिर कोई डील नहीं करेंगे।”
ट्रंप प्रशासन इस समय ईरान के साथ संघर्ष के अगले चरण और युद्ध के बाद की रणनीति पर विचार कर रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान सहित जीसीसी के छह देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सकते हैं। बैठक में युद्ध के बाद की रणनीति और संघर्ष को लेकर अमेरिका की आगे की योजना पर चर्चा होने की संभावना है। अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को प्रारंभिक निमंत्रण भेजे हैं। बैठक में अन्य अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं को भी शामिल किए जाने की संभावना जताई गई है।
ट्रंप ने बुधवार को कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका “युद्ध के अंत की ओर” बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की ओर से सीधे संकेत मिले हैं कि वह समझौता करना चाहता है।
इस बीच, ईरान के साथ संघर्ष का असर खाड़ी क्षेत्र पर भी पड़ा है। अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मेजबानी करने वाले कुछ खाड़ी देशों को ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा है। तेल और प्राकृतिक गैस के निर्यात में आई बाधाओं का असर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ा है।
शिकार और मछली पकड़ने को लेकर ट्रंप के आदेश
इसी बीच ट्रंप ने व्हाइट हाउस में 100 से अधिक शिकारी, मछुआरे और आउटडोर उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों की मेजबानी की। इस दौरान उन्होंने शिकार और मछली पकड़ने के अवसर बढ़ाने तथा कुछ संघीय नियमों में बदलाव से जुड़े कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए।
कार्यक्रम में ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की शक्तियों का उल्लेख करते हुए मछली पकड़ने से जुड़े नियमों पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति कार्यालय के पास व्यापक अधिकार हैं और वे चाहें तो मछली पकड़ने पर भी प्रतिबंध लगा सकते हैं।
व्हाइट हाउस के अनुसार, एक कार्यकारी आदेश के तहत लाखों एकड़ संघीय भूमि को शिकारियों और मछुआरों के लिए उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। दूसरे आदेश में खारे पानी में मछली पकड़ने वाले लोगों, नाव मालिकों, चार्टर संचालकों और तटीय समुदायों को प्रभावित करने वाले कुछ संघीय नियमों को कम करने का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि इन आदेशों का उद्देश्य संघीय भूमि और जल क्षेत्रों तक मनोरंजक पहुंच बढ़ाना, युवाओं और पूर्व सैनिकों को शिकार व मछली पकड़ने के लिए प्रोत्साहित करना तथा वन्यजीव प्रबंधन को मजबूत करना है।
ईरान नीति पर अमेरिकी संसद में भी मतभेद
ईरान को लेकर अमेरिकी संसद में भी मतभेद सामने आए हैं। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने मंगलवार को 220-204 मतों से एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों को जारी रखने के राष्ट्रपति के अधिकार को सीमित करने की मांग की गई है। डेमोक्रेट सांसद सेथ मॉल्टन द्वारा पेश प्रस्ताव में प्रशासन से कहा गया है कि वह ईरान के साथ जारी सैन्य कार्रवाई से अमेरिकी बलों को वापस बुलाए, हालांकि निर्धारित रक्षात्मक परिस्थितियों में सैन्य कार्रवाई की अनुमति रहेगी। प्रस्ताव के समर्थन में सात रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट सांसदों का साथ दिया।
इसके अलावा प्रतिनिधि सभा ने लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 भी पारित किया। इसके तहत कानून में निर्धारित शर्तों के अधीन राष्ट्रपति को उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है, जो रूसी तेल और गैस की खरीद जारी रखते हैं।








