अजीत डोभाल का वियतनाम दौरा, रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर रहेगा जोर

0

डेस्क :  राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल रविवार को आधिकारिक दौरे पर वियतनाम की राजधानी हनोई पहुंचे। इस दौरान वह वियतनाम के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। उनकी इस यात्रा को भारत और वियतनाम के बीच रणनीतिक, रक्षा और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अजीत डोभाल के हनोई पहुंचने की जानकारी साझा की। दूतावास ने उनका स्वागत करते हुए बताया कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के तहत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी।

भारत और वियतनाम के संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। इसी वर्ष मई में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया था। इसके बाद रक्षा, व्यापार, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग को लेकर भी बातचीत जारी है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और व्यापार के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।

हाल ही में 27 अक्टूबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नई दिल्ली में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान वियतनाम की सांसद माई डुंग थाई क्विन्ह और संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से मुलाकात की थी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच संसदीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई थी।

अजीत डोभाल का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने रणनीतिक संबंधों को विस्तार देने पर विशेष ध्यान दे रहा है। ऐसे में वियतनाम के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनकी बातचीत से दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।8