डेस्क : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर व्यक्तिगत रूप से भव्य स्वागत किया। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ईरान समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जारी तनाव के बीच शी जिनपिंग की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा शुरू हुई। दोनों नेताओं की गुरुवार को होने वाली अहम बैठक पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।
ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत करने एयरपोर्ट पहुंचे। शी के विमान से उतरने के बाद दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया। सैन्य बैंड की धुनों के बीच दोनों कुछ देर तक रनवे पर साथ खड़े रहे। इसके बाद दो बी-1 बमवर्षक विमानों ने फ्लाईओवर किया। एयरपोर्ट पर छह एफ-22 और छह एफ-16 लड़ाकू विमान भी प्रदर्शित किए गए।
अमेरिकी राष्ट्रपति का किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का व्यक्तिगत रूप से एयरपोर्ट पर स्वागत करना बेहद दुर्लभ माना जाता है। खास बात यह है कि मई में ट्रंप की चीन यात्रा के दौरान शी जिनपिंग ने उनका एयरपोर्ट पर व्यक्तिगत स्वागत नहीं किया था। ऐसे में शी के स्वागत के लिए ट्रंप का स्वयं एयरपोर्ट पहुंचना कूटनीतिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शी जिनपिंग के साथ चीन के वरिष्ठ अधिकारी और विदेश मंत्री वांग यी समेत कई प्रमुख नेता अमेरिका पहुंचे हैं। हालांकि, उनकी प्रतिनिधिमंडल में चीन की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी नहीं है। इसके विपरीत गुरुवार को व्हाइट हाउस में आयोजित राजकीय भोज में अमेरिका की प्रमुख तकनीकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।
व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर जोर
गुरुवार को ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच होने वाली वार्ता में अमेरिका-चीन व्यापार संबंध सबसे प्रमुख मुद्दों में रहेगा। दोनों देश टैरिफ को लेकर लंबे समय से जारी विवाद को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। माना जा रहा है कि दोनों नेता मौजूदा व्यापारिक युद्धविराम को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और चीन के उनके समकक्ष हे लिफेंग के बीच भी बातचीत हुई है। दोनों पक्षों के बीच व्यापार के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े मुद्दों पर संवाद के लिए एक विशेष संपर्क व्यवस्था बनाने पर भी चर्चा हुई है।
एआई से लेकर ईरान तक कई मुद्दे
वार्ता में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के तेजी से बढ़ते प्रभाव और उससे जुड़े जोखिमों पर भी चर्चा होने की संभावना है। अमेरिका और चीन दोनों ही एआई तकनीक में बढ़त हासिल करने की होड़ में हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी बड़े नियामक समझौते की संभावना फिलहाल सीमित मानी जा रही है।
ईरान भी दोनों नेताओं की बातचीत का महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता है। चीन पर ईरान से संबंधित गतिविधियों और अमेरिकी सैनिकों पर हमलों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। अमेरिकी प्रशासन के भीतर कुछ नेताओं ने चीन के साथ संबंधों को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन और अमेरिका के बीच खुफिया गतिविधियों को दोनों देशों के बीच सामान्य प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बताया है।
शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा शुक्रवार सुबह समाप्त होगी। इससे पहले दोनों राष्ट्रपति दंपती व्हाइट हाउस में चाय पर मुलाकात करेंगे और नेशनल आर्काइव्स का दौरा करेंगे। यहां अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा का ऐतिहासिक दस्तावेज सुरक्षित है।
विश्लेषकों के अनुसार, इस यात्रा से किसी बड़े समझौते की उम्मीद सीमित है। फिलहाल दोनों देशों का मुख्य उद्देश्य व्यापार और रणनीतिक मतभेदों के बीच संवाद बनाए रखना तथा मौजूदा तनाव को नियंत्रित करना है।








