डेस्क : बिहार के लखीसराय स्थित अशोक धाम मंदिर में हुई भगदड़ को लेकर जन सुराज पार्टी के संयोजक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने राज्य की सम्राट चौधरी सरकार पर तीखा हमला बोला है। मंगलवार को लखीसराय पहुंचे प्रशांत किशोर ने सदर अस्पताल में हादसे में घायल श्रद्धालुओं से मुलाकात की और बाद में मृतकों के परिजनों से भी मिले। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा देना पर्याप्त नहीं है। सरकार को हादसे की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद अब तक किसी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि मुआवजा देकर पीड़ित परिवारों को चुप कराने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
अस्पताल की व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने सरकारी अस्पताल में इलाज की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि समुचित इलाज नहीं मिलने के कारण कुछ घायलों के परिजनों को उन्हें निजी नर्सिंग होम ले जाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि एक निजी नर्सिंग होम में दो घायल आईसीयू में भर्ती हैं।
पीके ने कहा कि यह हादसा प्रशासन की पर्याप्त मुस्तैदी नहीं होने के कारण हुआ। उन्होंने स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ लखीसराय के विधायक विजय कुमार सिन्हा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को भी सवालों के घेरे में लिया।
तीसरी सोमवारी पर उमड़ी थी भारी भीड़
अशोक धाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान मंदिर के पास एक बिजली का पोल गिरने के बाद करंट फैलने की अफवाह से अचानक अफरा-तफरी मच गई। भीड़ में भगदड़ मचने से कई श्रद्धालु जमीन पर गिर गए और लोग उन्हें कुचलते हुए आगे निकलने लगे। हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हुई, जबकि कई लोग घायल हुए।
जिला प्रशासन के अनुसार, दो ट्रेनों के एक साथ रुकने से भी श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ गई थी। इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया और बैरिकेडिंग टूटने से स्थिति और बिगड़ गई।
विजय सिन्हा ने मानी प्रशासनिक चूक
हादसे के बाद स्थानीय विधायक और कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा भी लखीसराय पहुंचे थे। उन्होंने घायलों से मुलाकात की और मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। सिन्हा ने माना कि तीसरी सोमवारी पर जुटने वाली भीड़ का सही अनुमान लगाने में प्रशासन से चूक हुई। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
प्रशांत किशोर ने इसी कार्रवाई को लेकर सरकार से स्पष्ट जवाबदेही तय करने की मांग की है।








