डेस्क : बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी पर सोमवार सुबह भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। हादसे में सात कांवरियों की मौत हो गई, जबकि कई श्रद्धालु घायल हुए हैं। मृतकों में छह महिलाएं बताई जा रही हैं।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब छह बजे मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक बढ़ गई। इसी दौरान मंदिर के बाहर बांस-बल्ले से बनाई गई बैरिकेडिंग टूट गई और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। इसी बीच एक बिजली का पोल गिरने और करंट फैलने की अफवाह भी फैल गई, जिसके बाद भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई।
दो ट्रेनों के पहुंचने से बढ़ी भीड़
बताया जा रहा है कि सुबह एक साथ दो ट्रेनें लखीसराय पहुंचीं, जिसके बाद आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अशोकधाम पहुंच गए। सावन की तीसरी सोमवारी होने के कारण मंदिर में पहले से ही भारी भीड़ थी। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए करीब 400 जवानों की तैनाती की थी, लेकिन भीड़ के मुकाबले व्यवस्था कम पड़ गई।
छह मृतकों की पहचान
प्रशासन के अनुसार मृतकों में मनमाला देवी, रिंकू देवी, हेमलता देवी, ललिता देवी, सोनी देवी और संगीता देवी शामिल हैं। कई घायलों का इलाज लखीसराय सदर अस्पताल में चल रहा है, जबकि गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए पटना भेजे जाने की संभावना है।
पहले भी हो चुका है हादसा
अशोकधाम मंदिर में इससे पहले 12 अगस्त 2019 को भी भगदड़ की घटना हो चुकी है। उस घटना के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए लोहे की पाइप वाली बैरिकेडिंग की गई थी। इस बार मंदिर के बाहर बांस-बल्ले की बैरिकेडिंग भीड़ का दबाव नहीं झेल सकी।
जिला प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल मंदिर परिसर में स्थिति नियंत्रण में है और श्रद्धालुओं को कतार में लगाकर जलाभिषेक कराया जा रहा है।








