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नई दिल्ली: भारत अपनी रक्षा ताकत में लगातार इजाफा कर रहा है। इस बीच भारतीय सेना के लिए खुशखबरी है। दरअसल पुणे की रक्षा कंपनी NIBE ने स्वदेशी लोटरिंग म्यूनिशन वायु अस्त्र-1 का सफल ट्रायल पूरा कर लिया है। यह कामिकाजी या सुसाइड ड्रोन है, जो 100 किलोमीटर दूर दुश्मन के ठिकानों को सटीकता के साथ तबाह कर सकता है।
कंपनी के मुताबिक, राजस्थान के पोखरण और उत्तराखंड के जोशीमठ (मलारी) में हुए ट्रायल के दौरान सिस्टम ने 100 किलोमीटर दूर लक्ष्य को पहली ही कोशिश में बेहद सटीकता के साथ निशाना बनाया। पोखरण में 18-19 अप्रैल को हुए NCNC (नो-कॉस्ट, नो-कमिटमेंट) ट्रायल में 10 किलोग्राम वॉरहेड से लैस वायु अस्त्र-1 ने 1 मीटर से कम CEP (सर्कुलर एरर प्रोबेबल) के साथ टारगेट को हिट किया। इसमें अबॉर्ट अटैक और री-अटैक क्षमता भी सफलतापूर्वक प्रदर्शित की गई।
उत्तराखंड में सफल ट्रायल
उत्तराखंड के जोशीमठ (मलारी) में 26-27 अप्रैल को हुए हाई-एल्टीट्यूड ट्रायल में वायु अस्त्र-1 ने 14 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर 90 मिनट से ज्यादा समय तक उड़ान भरकर मिशन पूरा किया। मिशन खत्म होने के बाद सिस्टम की रिकवरी क्षमता भी सफल रही। कंपनी के अनुसार, यह लोटरिंग म्यूनिशन इजरायली तकनीक पर आधारित है।
क्या है वायु अस्त्र?
वायु अस्त्र एक प्रकार का लोटरिंग म्यूनिशन है, जिसे आम भाषा में सुसाइड ड्रोन भी कहा जाता है। इसे लक्ष्य के ऊपर कुछ समय तक मंडराने और सही मौका मिलते ही खुद को लक्ष्य से टकराकर विस्फोट करने के लिए बनाया जाता है।
वायु अस्त्र की खासियत
- करीब 100 किलोमीटर तक लक्ष्य भेदने की क्षमता
- दुश्मन के सैनिक, बंकर या टैंक जैसे लक्ष्यों पर हमला कर सकता है
- लक्ष्य के ऊपर उड़ते हुए निगरानी कर सकता है
- सही टारगेट मिलने पर सीधे हमला करता है
- मिशन रद्द होने पर वापस लौटने या दोबारा हमला करने की क्षमता
- दिन और रात दोनों समय ऑपरेशन में इस्तेमाल संभव
- हाई-एल्टीट्यूड यानी पहाड़ी इलाकों में भी काम करने के लिए डिजाइन
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