डेस्क : भारतीय रिज़र्व बैंक और सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही (Q4) में 7.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की है। यह आंकड़ा अर्थव्यवस्था में स्थिर और सकारात्मक रुझान को दर्शाता है।
जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस प्रदर्शन के साथ पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर भी मजबूत बनी रही है, जिससे वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था ने बेहतर लचीलापन दिखाया है।
आंकड़ों में सामने आया है कि मार्च तिमाही में विकास दर कई प्रमुख क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन के कारण बढ़ी, जिसमें घरेलू मांग और निवेश गतिविधियों की अहम भूमिका रही।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव, ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों के बावजूद भारत की विकास दर अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है।
हालांकि, आगे के समय में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और महंगाई के दबाव को देखते हुए नीति निर्माताओं के लिए सतर्कता बनाए रखना आवश्यक होगा।


