डेस्क : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों के बीच भारत ने अपने नाविकों और तेल टैंकरों की सुरक्षा का मुद्दा ईरान के सामने उठाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को जानकारी दी कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने 12 अक्टूबर को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई से टेलीफोन पर बातचीत की थी। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिति और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के साथ भारतीय नाविकों तथा टैंकरों की सुरक्षा पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि दोनों अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। बातचीत में भारतीय नाविकों की सुरक्षा और भारतीय टैंकरों की संरक्षा का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया। ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने भी इस बातचीत की पुष्टि की है।
खाड़ी क्षेत्र में जहाजों पर हमलों से बढ़ी चिंता
भारत की ओर से यह मुद्दा ऐसे समय उठाया गया है, जब खाड़ी क्षेत्र में भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
11 अक्टूबर को निकारागुआ के ध्वज वाले टैंकर MT Petro Dolphin पर ओमान के सोहर एंकरिज के पास ड्रोन हमला हुआ था। जहाज पर 11 भारतीय नाविक सवार थे। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के अनुसार, नौ भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दो भारतीय नागरिक लापता बताए गए। उनकी तलाश के लिए स्थानीय तटरक्षक बल और संबंधित एजेंसियों की मदद से खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा था।
इसी दिन मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाले टैंकर MT Valthera को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से निशाना बनाया गया, जिसके बाद जहाज में आग लग गई। इस जहाज पर सवार सभी 11 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए।
इससे पहले 9 अक्टूबर को पनामा के ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर MT GEM NO. 2 पर शारजाह एंकरिज के पास ड्रोन हमला हुआ था। जहाज पर 22 भारतीय नागरिक सवार थे और सभी के सुरक्षित होने की सूचना दी गई थी।
होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा अहम
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव और वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार तथा समुद्री परिवहन की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
भारत ने वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हमलों को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए क्षेत्र में तनाव कम करने और बातचीत एवं कूटनीति के माध्यम से विवादों का समाधान करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
अजित डोभाल और मोहसिन रेजाई के बीच हुई बातचीत में भारतीय नाविकों तथा टैंकरों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया जाना इस बात का संकेत है कि भारत क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच अपने समुद्री कर्मियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।








